घोटाले ने तोड़ी कमर, ICICI Bank को लगी 12000 करोड़ रुपए की चपत

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Published: 02 Apr 2018, 04:29 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक का नाम जब से वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में सामने आया है। तब से बैंक की वित्तीय स्थिति बिगड़ती जा रही है।

नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक का नाम जब से वीडियोकॉन को लोन देने के मामले में सामने आया है। तब से बैंक की वित्तीय स्थिति बिगड़ती जा रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी सत्र यानि सोमवार को बैंक का शेयर 6 फीसदी तक टूट गया। जिसके चलते आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में 12000 करोड़ रुपए से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

सोमवार को बड़ी गिरावट
सोमवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप घटकर 1.66 लाख करोड़ रुपए रह गया है, पिछले हफ्ते ICICI बैंक का मार्केट 1.78 लाख करोड़ रुपए के ऊपर था। पिछले हफ्ते आखिरी कारोबारी दिन बैंक का शेयर 278.40 के स्तर पर बंद हुआ था और सोमवार को 3.55 बजे घटकर 262 रुपए पर आ गया है।

क्यों हो रही है गिरावट
वीडियोकॉन लोन मामले में सीबीआी ने आईसीआईसीआई बैंक के कुछ अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सीबीआई बैंक की मैनेजिंग डायरेक्टर चंदा कोचर से भी सवाल पूछ सकती है। यही वजह है कि आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

वीडियोकॉन ने भी दी क्लीन चिट
आईसीआईसीआई बैंक के साथ धोखाधड़ी के कथित आरोपों के बाद वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने पहली बार इस मामले में चुप्पी तोड़ी है। एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में वेणुगोपाल ने चंदा कोचर को क्लीन चिट दी है। वेणुगोपाल ने कहा है कि वे उन सभी 12 सदस्यों को जानते हैं जिन्होंने उनके 3250 करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दी है। लोन के बदले आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर के पति की कंपनी को रुपए देने के सवाल पर धूत ने कहा कि चंदा कोचर लोन देने वाले पैनल की मात्र एक सदस्य थीं। इस पूरे लोन को 12 लोगों के पैनल ने मंजूरी दी है। बैंक के पूर्व चेयरमैन केवी कामथ इस पैनल के प्रमुख थे। उन्होंने कहा कि दो लोगों के निजी संबंध की परिणाम हमेशा आपराधिक कृत्यों को अंजाम नहीं देता है।

 

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