अाधार की गोपनीयता सुरक्षा को लेकर बिल गेट्स का बड़ा बयान, कहा -दूसरे देशों को भी अपनाना चाहिए

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Published: 03 May 2018, 04:07 PM IST

बिल गेट्स का कहना है कि आधार टेक्नोलाॅजी से गोपनीयता को लेकर कोर्इ समस्या नहीं है।

अाधार की गोपनीयता सुरक्षा को लेकर बिल गेट्स का बड़ा बयान, कहा -दूसरे देशों को भी अपनाना चाहिए

वाॅशिंगटन। माइक्रोसाॅफ्ट के संस्थापक आैर दुनिया के सबसे अमीर उद्यमियों में से एक बिल गेट्स ने भारत में आधार की गाेपनीयता को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। बिल गेट्स का कहना है कि आधार टेक्नोलाॅजी से गोपनीयता को लेकर कोर्इ समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि बिल अौर मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने इसे दूसरे देशों में ले जाने को लेकर विश्वबैंक को वित्त पोषणा भी उपलब्ध कराया है। उनका मानना है कि ये एक बेहतर चीज है।


नंदन नीलेकणी कर रहे हैं विश्व बैंक की मदद

बिल गेट्स ने ये भी कहा कि इंफोसिस के संस्थापक नंदन नीलेकणी इस परियोजना पर विश्व बैंक को परामर्श आैर मदद कर रहे हैं। आपको बता दें कि भारत में आधार ढांचा को तैयार करने के लिए नंदन नीलेकणी ने एक अहम भूमिका अदा किया था। नीलेकणी देश में आधार के लिए बनी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। गेट्स का कहना है कि आधार जैसे पहचान का लाभ काफी ज्यादा है। मौजूदा समय में एक अरब से भी अधिक लोगों ने आधार पंजीकरण कराया है।


आधार प्रणाली पर गेट्स को भरोसा

आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आइडी प्रणाली है। गेट्स ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इसे हर देश को अपनाना चाहिए। ये राजकाज के लिए एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। ये इससे भी जुड़ा है कि कितनी तेजी से देश अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढाते हैं आैर इसकी मदद से अपने लोगों को कैसे सशक्त करत हैं। गेट्स ने कहा है कि हमने आधार को दूसरे देशों में ले जाने के लिए वित्त बैंक को वित्त पोषण भी उपलब्ध कराया है। कर्इ बार एेसी खबरें आ चुकी हैं कि दूसरे देशाे नें अाधार प्रणाली को लेकर भारत से संपर्क साधने का प्रयास किया है। इसमें भारत के पड़ोसी देश भी शामिल हैं।


आधार पर उठ चुका है सवाल

गौरतलब है कि भाारत में आधार डेटा की गोपनीयता को लेकर काफी सवाल उठा जाता रहा है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाइ चल रही है। इस मुद्दे पर सवाल किए जाने पर बिल आैर मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रमुख का कहना है कि अधार से गोपनीयता को लेकर कोर्इ समस्या नहीं है क्योंकि ये बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन योजना है।

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