मोहर्रम पर निकाले गए ताजिया, लगे हिन्दू विरोधी नारे

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Published: 22 Sep 2018, 09:40 AM IST

जनपद में मोहर्रम के ताजियों का जुलूस बड़ी ही शिद्दत तथा मातम के साथ निकाला गया।

ललितपुर. जनपद में मोहर्रम के ताजियों का जुलूस बड़ी ही शिद्दत तथा मातम के साथ निकाला गया। इस मुहर्रम के जुलूस में जहां एक और देश प्रेम दर्शाया गया तो वहीं दूसरी ओर हिंदू विरोधी नारे भी लगाए गए। मोहर्रम के जुलूस में अलग अलग मुहल्लों से आये ताजिया बुर्राकों के साथ शहर में घुमाये गए। इसके बाद सभी ताजियों को एक साथ शहर की हृदय स्थली घंटा घर पर रखा गया तथा वहां पर ढोल नगाड़ों के साथ शौर्य प्रदर्शन भी किया गया। तो वहीं मड़ावरा कस्बे में मुस्लिम युवकों द्वारा तिरंगे के तीन रंग में ताजिया बनाया गया जो देशप्रेम की एक मिसाल बना। यह ताजिया का जुलूस मातमी जुलूस होता है जिसमें मातमी नारे लगाए जाते हैं लेकिन शहर के ताजियों के जलूस में ऐसा नहीं हुआ बल्कि इस मुहर्रम के ताजियों में मुस्लिम युवकों द्वारा हवा में तलवारें लहरा कर हिंदू विरोधी नारे लगाए गए जिससे वहां पर उपस्थित हिंदुओं में रोष व्याप्त हो गया।

मुस्लिम युवक हवा में तलवारें लहरा कर नारेबाजी कर रहे थे "की अगर हिंदुस्तान में रहना होगा तो ख्वाजा ख्वाजा कहना होगा" सभी मुस्लिम एकत्रित होकर कर यह नारे लगा रहे थे। इस नारेबाजी पर कई हिंदू संगठनों ने अपना रोष जताया है। हालांकि पूरे जनपद में कई कस्बों में गांवों में मोहर्रम की ताजिए निकाले गए और सभी जगह हिंदू मुस्लिम सभी इस जुलूस में शामिल रहे । लेकिन शहर में कौमी एकता पर नारे बाजी ने सवालिया निशान लगा दिया और अंत में नगर भ्रमण की बाद मोहर्रम की ताजियों को नम आंखों से कर्बला में खाक ए सुपुर्द किया गया।


इस मुहर्रम की जुलूस में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि को मद्दे नजर रखते हुए सुरक्षा की पूर्ण इंतजाम किए गए थे । चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था ताकि कोई अनहोनी घटना ना कर सके इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में यह नारेबाजी की गई। जो नगर में एक चर्चा का विषय बनी हुई है तथा हिंदू संगठनों ने इसी निंदनीय बताया है। हालांकि यह नारेबाजी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी क्योंकि प्रशासन ने इसमें हस्तक्षेप किया तथा ऐसे नारे लगाने से भी मना किया। मोहर्रम की इस मौके पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता उप जिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव क्षेत्राधिकारी पाली देव आनंद सदर कोतवाल ए के सिंह चौहान के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा वहीं यातायात विभाग ने भी अपनी भूमिका सक्रियता से निभाई।