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पत्रिका की खबर का बड़ा असर, ओपी सिंह ने मामले को लिया संज्ञान में, तुरंत हुआ केस दर्ज

By Mahendra Pratap Singh

Sep, 12 2018 08:43:40 (IST)

एक व्यक्ति द्वारा खाद्यान्न मांगने पर कोटेदार ने उसके साथ अभद्रता कर गाली गलौज की एवं लात घूसों से मारपीट की थी।

ललितपुर. जनपद में एक बार फिर पत्रिका की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। 2 दिन पूर्व सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कुमरौल विजयपुरा में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा खाद्यान्न मांगने पर कोटेदार ने उसके साथ अभद्रता कर गाली गलौज की एवं लात घूसों से मारपीट की थी तथा सार्वजनिक रूप से अपमानित किया था। जिससे क्षुब्ध धोकर युवक ने अपने घर आकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी।

पत्रिका की टीम ने पूरे समाचार को किया कवरेज

पीड़ित मां बाप ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर अवगत कराया था तथा पत्रिका की टीम ने पूरे समाचार को कवरेज किया एवं अपनी संस्था के माध्यम से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल कोटेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए थे। पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस ने उक्त पूरे मामले को धारा 306 के अंतर्गत पंजीकृत कर कार्रवाई की है।

यह था पूरा मामला

ऐसे ही एक मामले में जब ग्राम विजयपुरा में स्थित गांव की राशन की दुकान पर कोटेदार के यहां खाद्य सामग्री लेने गया तो वहां कोटेदार दशरथ पुत्र नत्थू द्वारा उसे खाद्य सामग्री तो नहीं दी गई बल्कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। गांव वालों के सामने उसको गाली गलौज कर अपमानित किया गया। जिससे क्षुब्ध होकर उसने अपने घर आकर जहरीली दवाई का सेवन कर लिया और अपने प्राण त्याग दिए। जिसके सम्बन्ध में मृतक के पिता फूलचंद पाल ने सदर कोतवाली पुलिस को एक तहरीर देकर पूरे मामले से अवगत कराया।

भाई को सार्वजनिक रूप से मारपीट कर अपमानित किया

इस मामले में फूलचंद ने बताया कि जब मेरा बेटा कोटेदार की राशन सामग्री लेने गया तो कोटेदार ने उसे राशन सामग्री नहीं दी बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से गाली गलौज कर अपमानित किया जिससे मेरे बेटे ने घर आकर यह बात बताई और खेत पर चला गया जहां उसने फसलों में डालने वाली दवाई को पीकर आत्महत्या कर ली।

वहीं मृतक के चचेरे भाई बाबूलाल ने बताया कि कोटेदार ने मेरे भाई को सार्वजनिक रूप से मारपीट कर अपमानित किया गया। जिससे वह अपमानित होकर घर आया और खेत पर चला गया। खेत पर जाकर बने कमरे में उसने फसल में डालने वाली दवाई खा ली। जानकारी के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत खराब होने पर उसे झांसी रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।