ट्रेन के डिब्बों में सफर ही नहीं, अब लजीज खाने का भी लुत्फ उठा सकेंगे

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Published: 21 Sep 2021, 11:31 PM IST

पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल और जबलपुर मंडल में 7 स्टेशनों पर ट्रेन के यात्री डिब्बों में रेस्टोरेंट खोले जा रहे हैं। कोटा मंडल में भी संभावना तलाशी जा रही है। गैर-किराया राजस्व में बढ़ोतरी के लिए यह पहल शुरू की गई है।

कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे में गैर-किराया राजस्व में बढ़ोतरी के लिए कई तरह की पहल शुरू की गई है। जोन के भोपाल और जबलपुर मंडल में 7 स्टेशनों पर ट्रेन के यात्री डिब्बों में रेस्टोरेंट खोले जा रहे हैं। कोटा मंडल में भी संभावना तलाशी जा रही है। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन कोच रेस्टोरेंट स्थापित करने के लिए खुली निविदा के माध्यम से गैर-किराया राजस्व नीति के तहत इन अनुबंधों को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह रेल उपयोगकर्ताओं और आम जनता को एक नया अनुभव देगा और शहर को एक नई पहचान भी मिलेगी। यह कोच रेलवे के संपति के रूप में रहेंगे। यह अनुबंध 5 साल की अवधि के लिए रहेगा। प्रत्येक स्थान पर 1200 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध कराया गया है। इससे पश्चिम मध्य रेलवे को 4.80 करोड़ गैर-किराया राजस्व की अतिरिक्त आय होगी। गैर किराया राजस्व योजना के तहत जबलपुर मंडल ने जबलपुर, मदनमहल, कटनी मुड़वारा, सतना और रीवा स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में रेल कोच रेस्टोरेंट के लिए अनुबंध करके अंतिम रूप दिया गया। इस अनुबंध के 5 वर्ष की अवधि के लिए रेलवे को 3.33 करोड़ गैर किराया राजस्व प्राप्त होगा। वहीं भोपाल मंडल ने भोपाल और इटारसी स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में रेल कोच रेस्टोरेंट के लिए अनुबंध करके अंतिम रूप दिया गया। इस अनुबंध के 5 वर्ष की अवधि के लिए रेलवे को 1.47 करोड़ गैर किराया राजस्व प्राप्त होगा। इस रेल कोच रेस्टोरेंट में रेल उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता को भी उच्च गुणवत्ता वाली चौबीसों घंटे भोजन सेवा मिलेगी।