कोटा कोचिंग और स्कूली ऑन लाइन शिक्षा पर ये बोले लोकसभा अध्यक्ष..

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Updated: 04 Jun 2020, 06:32 PM IST

लॉकडाउन के बाद पहली बार कोटा पहुंचे ओम बिरला ने पत्रिका से की विशेष बातचीत

कोटा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लम्बा हो गया है। कोरोना से लम्बी लड़ाई लडऩी है। इसमें स्वतंत्र रूप से आर्थिक गतिविधियां चलें और जिंदगी भी बचाना जरूरी है। इसलिए अब सावधानी और सतर्कता से आगे बढऩा होगा। मुझे विश्वास है कि देश सामूहिक प्रयासों से यह लड़ाई जीत लेगा।

लॉकडाउन के बाद पहली बार कोटा पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अपने आवास पर पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, सबको रोजगार उपलब्ध कराना और आत्मनिर्भर बनाना चुनौतीपूर्ण कार्य है। केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर आर्थिक गतिविधियां स्वतंत्र रूप से चलाने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही, कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाना भी है। केन्द्र सरकार ने आर्थिक पैकेज घोषित किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना की लड़ाई लम्बी है, इसके साथ जीना और चलना सीखना पड़ेगा। नए परिदृश्य में काम करते हुए आगे बढऩा होगा।

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विश्वास रखो, सब कुछ ठीक हो जाएगा

लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा कोचिंग और बच्चों के आने के संबंध में कहा कि कोटा के लिए कोचिंग बड़ा क्षेत्र है। कोरोना के चलते बच्चे सुरक्षित तरीके से अपने घर चले गए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में सब ठीक हो जाएगा। बच्चों को कोटा पर भरोसा है, इसलिए स्थितियां सामान्य होते ही बच्चे कोटा आने लग जाएंगे। कोशिश करेंगे कि सारी चीजें सही दिशा में चलें। स्कूली बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा के सवाल पर बिरला ने कहा कि टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढऩा ही होगा।

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वंचितों की सेवा में जुटे रहने वालों का अभिनंदन करता हूं

बिरला ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब जरूरतमंद और वंचित लोगों के राशन की दिक्कतें आने लगी तो एक आह्वान पर कोटा के भामाशाह, कार्यकर्ता सेवा में जुट गए। संकट की घड़ी में जिन लोगों ने सेवा कार्य किया है, उनका दिल से अभिनंदन करता हूं। कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में मेरा घर है, लॉकडाउन की बंदिशों के कारण अपनों के बीच में नहीं आ सका, जब सरकार ने आवागमन चालू किया तो अपनों के बीच आ गया हूं।