कोटा में आ रहे गंभीर रोगी, कोविड संदिग्ध मरीजों की स्टडी करेगा आईसीएमआर

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Published: 21 Sep 2021, 09:43 PM IST

लोकसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को कोविड तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कोविड पर चर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कोविड पोजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आई है। परन्तु ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन कोविड के लक्षण हैं। इन मरीजों को ऑक्सीजन और वेंटीलेटर सपोर्ट की आवश्यकता भी पड़ रही है।

कोटा. कोविड पोजिटिव मरीजों की संख्या में भले ही कमी आई हो, लेकिन अब भी ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें कोविड के लक्षण हैं, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इसकी जानकारी मिलने पर संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आईसीएमआर के महानिदेशक से बात कर ऐसे मामलों की स्टडी करने को कहा है। लोकसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को कोविड तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कोविड पर चर्चा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कोविड पोजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आई है। परन्तु ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है, लेकिन कोविड के लक्षण हैं। इन मरीजों को ऑक्सीजन और वेंटीलेटर सपोर्ट की आवश्यकता भी पड़ रही है। बिरला ने इसका कारण पूछा तो चिकित्सा अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।

इस पर चिंता व्यक्त करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बैठक में ही आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव से फोन पर बात की। डॉ. भार्गव से बात करने के बाद उनकी बात मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. विजय सरदाना से भी करवाई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर और मेडिकल कॉलेज मिलकर इस तरह के मामलों की स्टडी करें तथा कारणों का पता लगाएं। डॉ. भार्गव ने डा. सरदाना को केस से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज लेकर दिल्ली बुलाया है।

डेंगू की रोकथाम नहीं होने पर जताई नाराजगी
स्पीकर बिरला ने डेंगू, स्क्रब टायफस, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि डेंगू की रोकथाम के उपायों के प्रति जनजागरण करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस उपाय नहीं किए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रचार-प्रसार माध्यमों का उपयोग कर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

उन्होंने जिला कलक्टर और सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जिले की सभी डिस्पेंसरियों में मौसमी बीमारियों से संबंधित दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हो। इसके साथ महानगरों में डेंगू को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी जानकारी जुटाई जाए।

कोविड वैक्सीनेशन में लाएं तेजी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में 84 प्रतिशत लोगों को पहली डोज तथा 35 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। बिरला ने अधिकारियों से कहा कि वैक्सीनेशन में और तेजी लाई जाए।