शर्मनाक : पहले समय पर संभाला नहीं, मौत के बाद दो जांच कमेटी बनाई

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Updated: 30 May 2020, 02:16 PM IST

कोविड अस्पताल में लापरवाही के चलते मरीज की मौत का मामला जांच कमेटी ने स्टाफ व अधीक्षक के बयान लिए

कोटा. कोविड (Covid 19) अस्पताल में हुई कैथून निवासी लालचंद की मौत के मामले में जिला प्रशासन व मेडिकल कॉलेज ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन व मेडिकल कॉलेज स्तर पर दो जांच कमेटी बनाई हैं। ये कॉलेज प्राचार्य व जिला कलक्टर को रिपोर्ट सौंपेंगी। जिला प्रशासन की कमेटी में आरएएस अधिकारी दीप्ती मीणा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना, संयुक्त निदेशक शामिल हंै। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी में आरएएस दीप्ती मीणा, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय व डॉ. भारत भूषण को शामिल किया गया। टीम ने पहले दिन शुक्रवार को नर्सिंग स्टाफ, ड्यूटी डॉक्टर व अस्पताल अधीक्षक के बयान लिए। अधीक्षक की ओर से नर्सिंग स्टाफ की ओर से लिए गए बयान की कॉपी भी जांच कमेटी को सौंपी गई है।

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नर्सिंग स्टाफ ये बोले
नर्सिंग स्टाफ ओमप्रकाश मीणा का कहना है कि 23 मई को रात 9.30 बजे मरीज को चक्कर आने पर ड्यूटी डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने मरीज को देखने के बाद नोट्शीट पर भी उल्लेख किया। रात 12 बजे सो गए, उसके बाद रात 2.30 बजे एक मरीज आया और उसने लालचंद के पलंग से गिरने की बात कही। वह तुरंत मौके पर पहुंचा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मदद से मरीज को पलंग पर लिटाया। ड्यूटी डॉक्टर को कॉल कर बुलाया। उस समय दो ड्यूटी डॉक्टर रूम में थे। वे तुरंत पहुंचे और उसका इलाज शुरू किया, लेकिन आधे घंटे बाद ही मरीज की मौत हो गई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील का कहना है कि मरीज टीबी व अस्थमा का था। दौरे भी आ रहे थे। मुंह से झाग आने से ऐसे मामलों में सांस में जाने व दिमाग में फैलने से मरीज की मौत भी हो सकती है।


ब्लैकमेल करने का लगाया आरोप
अधीक्षक डॉ.चन्द्रशेखर सुशील ने शुक्रवार को महावीर नगर थाने में परिवाद भेजा। जिसमें छावनी निवासी नरेन्द्र मेहरा व उसकी पत्नी के खिलाफ गैर कानूनी तरीके से वीडियो बनाने व वीडियो बनाकर कम्पाउन्डर को ब्लैकमेल कर 20 हजार रुपए मांगने का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस ने परिवाद की जांच शुरू कर दी है।
रात में सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाएं
आरएमआरएस के सदस्य क्रांति तिवारी ने प्राचार्य डॉ.विजय सरदाना से बात कर कहा, अस्पताल में रात को सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाए। उनके रुकने की पुख्ता व्यवस्था अस्पताल में ही की जाए। अस्पताल में मरीज की तबीयत व रिपोर्ट की परिजनों सूचना समय पर देने के लिए पुख्ता व्यवस्था करें। उधर, मौत के मामले में हाड़ौती विकास मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र सांखला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी डॉ. सरदाना से मिला और घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, पहले भी स्ट्रेचर पर एक मरीज की मौत हो गई थी। अस्पतालों में लापरवाही के मामले थम नहीं रहे हैं।

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दोषियों को मिले सजा
लालचंद के परिवारजनों ने सहायता प्रदान करने एवं दोषी चिकित्सा कार्मिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। मृतक की पत्नी निर्मला बाई ने जिला कलक्टर से अनुरोध किया है कि मानवीय आधार पर पति की अकाल मृत्यु पर पीडि़त परिवार को सहायता राशि प्रदान की जाए और उनकी मृत्यु के लिए दोषी मेडिकल कार्मिकों के विरुद्ध अविलम्ब प्रभावी कार्रवाई की जाए।