कोरोना काल का साइड इफैक्ट: प्रमोटी के फेर में अटक गई छात्रवृत्ति

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Published: 02 Mar 2021, 01:31 PM IST

कोरोना काल का सबसे बड़ा साइड इफैक्ट विद्यार्थियों पर पड़ा है। ग्रेजुएशन में बिना परीक्षा प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलेनी वाली छात्रवृत्ति रोक दी गई।

कोटा. कोरोना काल का सबसे बड़ा साइड इफैक्ट विद्यार्थियों पर पड़ा है। ग्रेजुएशन में बिना परीक्षा प्रमोट होने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलेनी वाली छात्रवृत्ति रोक दी गई। इससे हजारों विद्यार्थियों को झटका लगा है। इससे विद्यार्थियों में रोष व्याप्त है। कॉलेज आयुक्तालय ने भी इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

आदेश में बताया कि राजकीय या मान्यता प्राप्त गैर राजकीय उच्च/ तकनीकी संस्थान में नियमित रुप से अध्ययनरत इन्टिग्रेटेड कोर्सेज बीए-बीएड, बीएससी-बीएड, बीकॉम-बीएड, बीए एलएलबी, बीकॉम- एलएलबी, बीएससी-एलएलबी के विद्यार्थी के योजना में प्राप्त आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाए। साथ ही कोविड-19 के कारण शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बिना प्राप्तांक प्रतिशत उत्तीर्ण से शैक्षणिक सत्र 2020-21 में आगामी कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थियों के प्राप्त छात्रवृत्ति आवेदन पत्र नियमानुसार स्वीकार नहीं किए जाए।

इस योजना में सिर्फ 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों को ही स्कॉलरशिप दी जाएगी। जबकि प्रथम वर्ष से द्वितीय व द्वितीय से तृतीय वर्ष में आने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। प्रदेश में करीब 30 हजार विद्यार्थियों की 10 करोड़ की छात्रवृत्ति सरकार ने रोकी है। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग में एससी, एसटी व ओबीसी के करीब 30 हजार विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति नहीं मिली। हर साल मिलते 5-5 हजार रुपए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में उन्हें सालाना 5 हजार रुपए मिलते है, लेकिन पोर्टल भी बिना प्राप्तांक अंकों के आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा है। इससे कई विद्यार्थी आवेदन ही नहीं कर पा रहे है।

इनका यह कहना

इस बार प्रमोट करने के चक्कर में छात्रों के प्राप्तांक अंक नहीं मिले है। पोर्टल पर भी कोई ऑप्शन नहीं आ रहा है। इस कारण प्रमोटी छात्रों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे छात्र परेशान है। इस मामले में विरोध करेंगे।

रोहित चौधरी, छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय कला महाविद्यालय, कोटा

कोरोना काल में आमजन का व्यापार पूरी तरह से ठप रहा है। विद्यार्थियों से पूरी फीस वसूली जा रही है, लेकिन स्कॉलरशिप क्यों रोकी जा रही है। सरकार विद्यार्थियों की फ ीस माफ करें या उनकी स्कॉलरशिप जारी करें। इससे विद्यार्थियों का काफ ी नुकसान हो रहा है।

विनय राज सिंह, छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय कोटा

करेंगे प्रदर्शन

मुख्यमंत्री व समाज कल्याण विभाग की दोनों छात्रवृत्ति मामले में सभी कॉलेजों में इकाई प्रमुख 3 मार्च को विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन देंगे। रवि गुर्जर, महानगर मंत्री, एबीवीपी आयुक्तालय से मिले आदेश आयुक्तालय से प्रमोटी छात्रों को मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में मिलने वाली छात्रवृत्ति रोकने के आदेश मिले है।

रघुराज सिंह परिहार, सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा