लॉकडाउन का तीसरा चरण: अब ट्रेन से वापस आ सकेंगे घर, ये लोग कर सकते हैं यात्रा

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Updated: 02 May 2020, 07:33 AM IST

एक लाख से अधिक मजदूरों को ट्रेन के माध्यम से मध्यप्रदेश वापस लाया जाएगा।

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि विभिन्न प्रदेशों से मध्यप्रदेश के लगभग 40 हजार मजदूरों को बसों के द्वारा सुगमतापूर्वक प्रदेश लाया जा चुका है। कुछ मजदूर मार्ग में है तथा अब शेष बचे एक लाख से अधिक मजदूरों को ट्रेन के माध्यम से मध्यप्रदेश वापस लाया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इसके लिए रेल मंत्री से बात हो चुकी है तथा यह कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने अपर मुख्य सचिव आईसीपी केशरी को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में रेल मंत्रालय को कल तक पूरी जानकारी दे दी जाए कि हमारे कितने मजदूर किन प्रदेशों में फँसे हुए हैं, वे किस स्थान से ट्रेन में चढ़ेंगे तथा मध्यप्रदेश में किस स्थान पर उतरेंगे। मजदूर सुगमतापूर्वक मध्यप्रदेश आ जाएं, उनका आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण एवं भोजन आदि की व्यवस्था हो जाए, इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अपर मुख्य सचिव केशरी ने बताया कि वर्तमान में हमारे एक लाख से अधिक मजदूर विभिन्न प्राँतों में फँसे हुए हैं। वर्तमान में हमारे 50000 मजदूर महाराष्ट्र में, 30000 गुजरात में, 8000 मजदूर तमिलनाडु में, 5000 मजदूर कर्नाटक में, 10000 मजदूर आंध्र प्रदेश में तथा 3,000 मजदूर गोवा में फँसे हुए हैं।

चलेंगी 'श्रमिक स्पेशल' ट्रेन
बीते महीनों से अलग-अलग राज्यों में फंसे छात्रों , मजदूरों, तीर्थयात्रियों, टूरिस्टों व अन्य लोगों को अपने राज्य पहुंचाने के लिए रेलवे ने 'श्रमिक स्पेशल' ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत आज से मजदूर दिवस के मौके पर की गई है। प्रधानमंत्री के साथ अहम बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने रेलवे बोर्ड को स्पेशल ट्रेन चलाने की मंजूरी दी। हालांकि अब राज्य सरकारों पर रेलवे के साथ मिलकर अपने प्रदेश के फंसे हुए लोगों को लाने की जिम्मेदारी है। बता दें कि ये ट्रेनें लिंगमपल्ली से हटिया, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना, नासिक से लखनऊ और कोटा से हटिया के लिए चलाई जाएंगी।