Video: आधी रात देवदूत बनकर पहुंच रही पुलिस, बेहोश व अचेत मरीजों की बचाई जान

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Published: 14 Jun 2021, 09:25 PM IST

उपचार के लिए जबलपुर जाते समय अचानक बिगड़ी तबियत, उपचार के बाद हालत में सुधार

Police's help to patients

कटनी. पीडि़त मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। यह कुछ दिनों से कुठला पुलिस चरितार्थ कर रही है। रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था के लिए गस्त के दौरान एक गंभीर मरीज को अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराते हुए जान बचाई है। बता दें कि शनिवार रात 2.30 बजे कुठला पुलिस गस्त पर थी। बस क्रमांक यूपी 75 एम 3717 से पन्ना धनवा के कैलाश पिता रामकिशन लुनिया (42) साल बीमार को उनकी पत्नी श्याम भाई एवं छोटा भाई राजकुमार लुनिया जबलपुर एमआरआई एवं कमर के ऑपरेशन के लिए लेकर जा रहे थे। इंदिरानगर पुल कुठला के पास बस रोककर यात्रियों को उतारने खड़ा हुआ था। एएसआई विजेंन्द्र तिवारी, आरक्षक सुजावल सिंह ने जाकर देखा और पूछताछ की। तभी श्याम बाई लुनिया ने बताया की पति बेहोश हो चुके हैं, जिनकी कमर कि नश चोंक है। उठ-बैठ नही पाते। गंभीर बीमारी है। सुगर भी है बहुत लो हो गई है। कमर का ऑपरेशन कराने के लिए पन्ना से जबलपुर बस से लेकर जा रहे हैं।
पति सफर के दौरान ज्यादा बीमार हो गए। बातचीत नहीं कर रहे। बेहोशी की हालत में अस्पताल जाने के लिए हमारी कोई मदद नहीं कर रहा, जल्दी से कोई दवाखाना पहुंचवा दे। सहायक उपनिरीक्षक विजेंद्र तिवारी, सुजावल सिंह, आर आलोक, एनआरएस कर्मचारियों ने तत्परता से तत्काल एंबुलेंस बुलाकर बेहोश कैलाश को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया। उपचार के दौरान होश आ गया एवं जान जाने से बची। समय पर कुठला थाना की पुलिस ने सक्रियता दिखाई।

सड़क पर तड़प रहे युवक को एएसआइ ने पहुंचाया अस्पताल
कुठला थाना में पदस्थ एएसआइ विजेंद्र तिवारी ने मानवता की मिशान पेश करते हुए सड़क किनारे तड़प रहे युवक की जान बचाई है। रात्रि में ड्यूटी के दौरान लगभग 2 बजे इंदिरानगर बायपास पहुंचे तो देखा कि दो युवक सड़क किनारे हैं। एक असहाय स्थिति में लेटा था। दूसरा उसको उठा रहा था। पूछताछ में रवि सिंह ने बताया कि दोस्त कृष्णपाल सिंह गुजरात में मेहनत मजदूरी करने गये थे। काम बंद होने से व दोस्त को पीलिया बीमारी हो जाने से गुजरात से बस से गांव बड़वारा लौट रहे थे। बस वाले ने 1.30 बजे रात हमे इंदिरानगर पुल के पास उतार दिया। गांव जाने के लिए साधन नहीं मिल रहा था। कृष्णपाल की तबियत लगातार बिगड़ रही थी। तत्काल फोन लगाकर कृष्णपाल के पिता को सूचना दी। रात में ऑटो या अन्य कोई साधन व एम्बुलेंस नहीं मिल रहा थी। बेहोश स्थिति में हो रहा था। कई राहगहीरों से मदद मांगी, लेकिन कोई गाडी नहीं रोक रहा था। किसी तरह कार की व्यवस्था की और घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार शुरू कराया। उपचार के बाद स्थिति में सुधार है। युवक को अस्पताल पहुंचाने में एएसआइ विजेंद्र तिवारी, आरक्षक राजेश शमशेर का सक्रिय योगदान रहा।