सीवर लाइन का दर्द: 8 माह पहले डली लाइन, सड़क न बनने से मार्ग दलदल, शहरवासियों का आवागमन दुश्वार

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Published: 14 Jun 2021, 10:19 PM IST

शहर के कई वार्डों में गंभीर समस्या, लगातार मांग के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई, नगर निगम के अफसर नहीं दे रहे ध्यान

People of Katni city upset due to sewer line

कटनी. बारिश का दौर शुरू हो गया और शहर को व्यवस्थित करने, सीवरेज लाइन को ठीक करने वाली योजना सीवर लाइन फिर शहरवासियों के लिए बड़ी सिरदर्द बन गई है। 2017 में 96 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन का काम स्वीकृत हुआ। 2018 में काम शुरू हुआ, मार्च 2020 में पूरा करने का दावा और वादा किया गया, लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण होने की मियाद पूरी हो गई है एक साल से अधिक समय के बाद भी आधा काम नहीं हुआ। सीवर लाइन का काम न सिर्फ मंथर गति से चल रहा है बल्कि गुणवत्ताविहीन भी हो रहा है।
बता दें कि 219 किलोमीटर शहर में लाइन डलनी है, लेकिन अभी तक सिर्फ 135 किलोमीटर ही डल पाई है। हैरानी की बात तो यह है कि इस काम की हर माह समीक्षा हो रही है। नगर निगम आयुक्त से लेकर प्रशासक व कलेक्टर निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं, इसके बाद भी ठेकेदार योजनाओं पर पलीता लगा रहे हैं। शहर में सीवर लाइन का काम केके स्पन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। सीवर लाइन के कारण कहीं पर ट्रक धंस रहे हैं तो कहीं पर बाइक। कहीं गड्ढे हो रहे हैं तो हीं लाइन टूट रही है। वहीं मार्ग दलदल में तब्दील होने से चलना दुश्वार हो रह ाहै। तय समय में ठेकेदार ने काम नहीं किया, बावजूद इसके नगर निगम ने अबतक कोई कार्रवाई नहीं की।

शिकायत के बाद भी नहीं सुनवाई
विगत दिवस सावरकर वार्ड के आधारकाप क्षेत्र निवासी रवि प्यासी, राजेश सोंधिया, अशोक सोंधिया, विजय गौतम, मनोज साहू, मनीराम यादव, ओमप्रकाश प्रजापति, संजू निषाद, बाबू यादव, रेखा साहू आदि आयुक्त के पास पहुंचे और बताया कि 7 माह पहल यहां पर सीवर लाइन डल गई है। सड़क स्वीकृत है, इसके बाद भी निर्माण नहीं कराया जा रहा। मार्ग दलदल में तब्दील होने से आवागमन करने में भारी परेशानी हो रही है।

पाइप लेइंग वर्क आधे से ज्यादा बकाया
जानकारी के अनुसार पाइप लेइंग वर्क शहर में 162 किलोमीटर बिछाया जाना है। इसमें अभी तक ठेकेदार ने सिर्फ 68.28 किलोमीटर बिछाई है। अभी आधे से ज्यादा काम बाकी है। इस काम को मार्च 20 में पूरा करा देना था अभी तक नहीं कराया गया। रुकावटों व ठेकेदार की बेपरवाही के कारण काम रुका है। इसी तरह मेन वर्क कराया जाना था। इसमें 7 हजार 67 स्थानों पर मेन * वर्क होना था। अभी तक मात्र 2 हजार 362 स्थानों पर ही हो पाए हैं।

साढ़े 7 हजार कनेक्शन बाकी
सीवर लाइन के तहत 17 हजार 937 घरेलू कनेक्शन होने थे, इसमें से मात्र 10 हजार 500 ही कनेक्शन हो पाए हैं। 7 हजार 437 कनेक्शन होना बाकी हैं। पाइप लाइन न पहुंचने के कारण कनेक्शन नहीं हो पाए। यही हाल रोड निर्माण का भी है। अभी भी कई जगह पर सड़क का निर्माण कराया जाना बाकी है। वहीं लगातार धस रही सीवर लाइन से गुणवत्ता भी सवालों में है।

एसटीपी प्लांट का निर्माण भी धीमा
शहर में तीन एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) बनने हैं। कटायेघाट रोड में 6 एमएलडी क्षमता का बनना है। इंडस्ट्रियल एरिया के पास निर्माण शुरु हुआ है वह भी मंथर गति से चल रहा है। दूसरा माधवनगर में काम भी धीमा है। तीसरा कुठला में बन रहा है, यहां पर भी निर्माण की गति धीमी चल रही है। स्लोप न मिलने के कारण भी समस्या बताई जा रही है। हालांकि नगर निगम के अफसरों का दावा है कि दिसंबर तक तीनों एसटीपी तैयार हो जाएंगे।

शहर में नहीं डल पाएगी सीवर लाइन
फेज-3 में शहरी क्षेत्र में सीवर लाइन का काम शुरू होना है। पहले ठेकेदार ने काम में देरी की, फिर लॉकडाउन के कारण काम पिछड़ा और अब बारिश का दौर शुरू होने वाला है, जिसके चलते शहरी क्षेत्र में सीवर लाइन का काम काफी प्रभावित होगा। बता दें कि 4 दिन से आयुक्त की फटकार के बाद ठेकेदार ने काम में तेजी लाई है। अभी सीवर लाइन का काम माधवनगर, झिंझरी में ही हो पाया है। कुठला एरिया में काम चल रहा है। शहरी क्षेत्र में शुरू अब बारिश के बाद ही काम शुरू होगा।

इनका कहना है
ठेकेदार द्वारा समय पर सीवर लाइन का काम नहीं किया जा रहा है। अभी तीन-चार दिनों में कुछ गति आई है। ठेकेदार को तेजी के साथ काम करने चेतावनी दी गई है। अब सही ढंग से काम नहीं किया जाता तो अलग करने की कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार धाकरे, आयुक्त नगर निगम।