जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए कटनी से भेजे गए पांच नमूनों में डेल्टा वैरिएंट नहीं

|

Updated: 02 Aug 2021, 10:50 PM IST

जुलाई के पहले सप्ताह में भेजे गए नमूनों की जांच में अच्छी खबर, हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में भेजे गए बरही और एनकेजे में आए पॉजिटिव की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट का अभी इंतजार.

कटनी. कोविड-19 के दूसरे लहर में कहर मचाने वाले डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरियंट को लेकर कटनी में अच्छी खबर है। जुलाई के पहले सप्ताह में भेजे गए 5 नमूनों की जिनोम सीक्वेंसिंग जांच रिपोर्ट में डेल्टा व डेल्टा प्लस वैरियंट नहीं पाए गए हैं। हालांकि बरही और एनकेजे में पॉजिटिव आए मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इन मरीजों सहित अन्य पांच मरीजों के नमूने जुलाई के अंतिम सप्ताह में भेजा गया है।

कटनी जिले के सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मुढिय़ा ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए जुलाई के पहले के सप्ताह में भेजे गए पांच नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें डेल्टा वैरियंट नहीं मिला है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में भेजे गए पांच नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

कोविड-19 का जुलाई माह: 27 हजार 456 नमूनों की जांच में मिले 3 पॉजिटिव-
कोविड-19 संक्रमण के लिहाज से जुलाई माह सुकून भरा रहा। इस पूरे माह जांच के लिए जिलेभर से 27 हजार 456 नमूने लिए गए। इसमें 11 हजार 116 आरटीपीसीआर और 16 हजार 340 रैपिड एंटीजन के शामिल रहे। इन नमूनों की जांच मेंं पूरे माह मेंं 3 पॉजिटिव केस सामने आए। इस बीच दो लोग इलाज से स्वस्थ हुए। जिले में फिलहाल कोविड-19 का एक एक्टिव मामला है।

10 गुना ज्यादा फैलता है डेल्टा वैरियंट-
कोविड-19 संक्रमण के दूसरे लहर में डेल्टा वैरियंट ने कहर मचाया था। जानकार बताते हैं कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरे वैरियंट की तुलना में डेल्टा व डेल्टा प्लस वैरियंट 10 गुना ज्यादा तेजी से फैलता है। इस कारण इस वैरियंट को ज्यादा नुकसानदायक माना गया है। कटनी में पांच नमूनों की जांच में इस वैरियंट के नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।

जिले में कोरोना संक्रमण पर एक नजर
- 1 लाख 91 हजार 202 लोगों के नमूने बीते वर्ष से मार्च माह से 31 जुलाई 21 तक लिए गए।
- 9 हजार 365 लोग कोविड-19 पॉजिटिव आए पूरे कोरोना काल में।
- 8 हजार 861 लोगों की रिपोर्ट जिले की लैब से आई।
- 504 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट बाहर की लैब से प्राप्त हुई।
- 9 हजार 234 लोगों ने बीमारी को मात दी। स्वस्थ हुए।
- 314 नमूनों की जांच रिपोर्ट अप्राप्त रही।
- 203 नमूने पैथोलॉजी से रिजेक्ट कर दिए गए, दोबारा लेने कहा गया।