कलेक्टर तक पहुंचा एक साल से नियम विरुद्ध नोटिस का मामला

|

Published: 16 Jun 2021, 10:48 PM IST

8 जून को एसडीएम द्वारा जनपद सीइओ को जारी एक नोटिस ने पकड़ा तूल, परेशान जनपद सीइओ ने कहा एसडीएम को अधिकार नहीं, कलेक्टर को बताएंगे परेशानी.

- जनपद सीइओ को सीधे नोटिस जारी करने का नहीं है नियम.

कटनी. विजयराघगढ़ में एसडीएम प्रिया चंद्रावत द्वारा जनपद सीइओ प्रभा तेकाम को दिए जाने वाले कारण बताओ नोटिस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। 8 जून को एसडीएम द्वारा जारी नोटिस से परेशान होकर जनपद सीइओ प्रभा तेकाम ने यहां तक कह दिया है कि एसडीएम को अधिकार नहीं है, फिर भी एक साल से नोटिस पर नोटिस दे रहीं हैं।

दरअसल 8 जून के नोटिस में एसडीएम ने कहा कि जनपद सीइओ कोरोना वैक्सीनेशन के जो आंकड़े कलेक्टर को प्रस्तुत कर रहे हैं, वह वास्तविक आंकड़ों से भिन्न है और इसे पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करना माना जाए। इस नोटिस में एसडीएम ने जनपद सीइओ को 9 जून को सुबह 11 बजे समक्ष में उपस्थित होकर जवाब पेश करने कहा था। विजयराघवगढ़ जनपद सीइओ प्रभा तेकाम ने 14 जून को एसडीएम को नोटिस के जवाब में कहा उन्हे नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है।

मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उपसचिव विकास अवस्थी द्वारा 22 जनवरी 2011 को जारी आदेश में कहा गया है कि कलेक्टर, जिला पंचायत सीइओ और एसडीएम (राजस्व) अपने अधीनस्त जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अनुशासनात्मक कार्यवाही का नोटिस जारी नहीं करेंगे। यदि अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी है तो विधिवत प्रकरण तैयार कर संभागीय आयुक्त को प्रेषित किए जाएंगे।

इस बारे में जनपद सीइओ प्रभा तेकाम बताती हैं कि वैक्सीनेशन के आंकड़े को लेकर एसडीएम द्वारा 8 जून को जो नोटिस जारी किया गया उसमें आंकड़ों से ज्यादा महत्वपूर्ण वैक्सीनेशन है। मैं कई वर्षों से जनपद में सीइओ हूं और शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर रहीं हूं। एसडीएम नियम विरूद्ध नोटिस दे रही हैं।

वहीं एसडीएम प्रिया चंद्रावत का कहना है कि नोटिस देना प्रशासनिक कार्य है, एसडीएम नोटिस जारी नहीं करेंगे तो काम कैसे होगा।