80 मिलियन टन निर्बाध हो सके परिवहन इसके लिए कटनी-बीना रेलखण्ड पर हुए अहम कार्य

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Updated: 01 Aug 2021, 08:11 PM IST

संचालन को गति देने एवं स्टालिंग पर अंकुश लगाने उठाए गए कदम, ट्रैक नवीनीकरण और अधोसंरचना का हुआ काम, यात्री गाड़ी को 110 केएमपीएच और मालगाड़ी की 75 केएमपीएच गति करने हुई कवायद

Important work done in railway

कटनी. भारतीय रेलव विकास के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। ऐसे में इसमें निरंतर सुधार और अधोसंरचना पर काम नितांत आवश्यकत है। वर्तमान परिवेश के अनुसार रेलवे द्वारा अहम कदम उठाए जा रहे हैं। पश्चिम मध्य रेल अपनी क्षमताओं से अधिक कार्य करते हुए रेल संचालन को बढ़ाने तीव्र गति से कार्य करा रहा है। बता दें कि पमरे की अधिकतम मालगाडिय़ों का संचालन कटनी-बीना रेलखण्ड पर है। यह रेलखण्ड प्रति वर्ष 79.32 मिलियन टन का परिवहन करता है। यह निर्बाध चले इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
पमरे द्वारा पिछले तीन साल से कटनी-बीना रेलखण्ड पर रेल संचालन को बढ़ावा देने, औसतन 4-5 स्टालिंग (यानी गाड़ी का अटक जाना, संचालन न हो पाना), अनुचित रेल प्रतिस्थापन, यातायात अवरोध न होने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण अंजाम दिया है।

हुए हैं यह अहम कार्य
-कटनी-बीना रेलखण्ड पर सेक्शन गति को 100 से 110 केएमपीएच तक बढ़ाया, कटनी-दमोह, दमोह-सागर और सागर-मालखेड़ी के दोनों अप एंड डॉउन पर गति बढाने से स्टालिंग न हो, डीपस्क्रीनिंग प्लेन ट्रैक का कार्य कुल 54.5 किमी किया गया। 13 पैसेंजर लूप लाइनों को अपग्रेड किया गया है।
- मेनलाइन की प्राथमिक रेल नवीनीकरण, प्रतिस्थापन का कार्य ट्रैक की जांच के उपरांत गिरवर-गणेशगंज (डाउन एंड अप), पथरिया यार्ड डाउन मेनलाइन, गोलापट्टी-सौगोनी, सैलाया-बखलेटा, मालखेड़ी-बघौरा एवं मालखेड़ी-करोद में कुल 43.5 किलोमीटर किया गया।
-महत्वपूर्ण स्टेशनों पर 10 किमी में रेल तथा स्लीपर का पूर्ण नवीनीकरण, प्रतिस्थापन का कार्य हुआ, 16 एलसी गेट को भी बंद किया गया, साथ ही दो महत्वपूर्ण एलसी गेट 13 एवं 64 पर एलएचएस का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। 42 रेल पुलों को मरम्मत किया गया।
- ब्रिजों पर गार्डर एवं स्लीपरों को भी बदला है जो कि गति अवरोध से बचाने में काफी सहायक सिद्घ हुआ, पमरे ने 42.5 किमी न्यू थर्डलाइन के कमीशन से भी माल गाडिय़ों की गति को 75 केएमपीएच के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई है, 6 यार्ड के लेआउट मे भी सुधार का कार्य किया गया।