VIDEO: शहर के बाद अब इन गांवों में भी बनेगी कचरे खाद, खराब पानी का भी होगा खास उपयोग

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Published: 01 Mar 2019, 12:13 PM IST

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर जिला पंचायत में कार्यशाला का आयोजन

 

Action Plan on Solid and Liquid Waste Management in Gram Panchayats

कटनी. ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ग्राम पंचायतों में निकलने वाले कचरे जिसमें सूखा एवं गीला कचरा के साथ ही गंदे पानी के उचित निपटान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान अंतर्गत प्रारंभिक चरण में पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों में जिसमें स्वयं के स्रोतों पर स्वा कराधान की राशि प्रतिवर्ष एक लाख के ऊपर हैं उन ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयनित किया गया है। जनपद पंचायत बड़वारा से ग्राम पंचायत बड़वारा, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा से ग्राम पंचायत उमरियापान, जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत तेवरी, जनपद पंचायत रीठी की ग्राम पंचायत बिलहरी एवं बडग़ांव, जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायत कन्हवारा कुल 6 ग्राम पंचायत जो उक्त सीमा में आती थी इनका चयन राज्य व जिला स्तर से किया गया है। अब इन गांव में भी शहरों की तरह घर-घर से कचरा कलेक्शन के लिए वाहन एवं स्वच्छता मित्रों का प्रबंध कर कचरे को एकत्र किया जाएगा। साथ ही उसका उचित प्रबंधन करते के लिए कचरे से खाद का निर्माण किया जाएगा। जिससे ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी। साथ ही ग्राम का वातावरण साफ सुथरा रहेगा।

इन्होंने दी जानकारी
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर जग्गी पटेल के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों में घर-घर सर्वे किए जाने व विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने इसका इंप्लीमेंट कैसे होना है की विस्तृत जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर सचिन पाल के द्वारा सर्वे में उपयुक्त होने वाले ऐप की विधिवत एवं विस्तृत जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान करते हुए बताया की सर्वे वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है।

ये रहे मौजूद
कार्यशाला में संबंधित ग्राम पंचायतों के उपयंत्री, ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक एवं इस कार्य के लिए चयनित ग्राम के स्वच्छता मित्र के साथ ही समस्त जनपद पंचायतों के विकासखंड समन्वयक संतोष पाठक, बबिता सिंह आदि उपस्थित रहीं। गौरतलब है कि स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत खुले में शौच से मुक्ति के उपरांत द्वितीय चरण के कार्यक्रम में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश शासन के द्वारा दिए गए हैं।

 

 

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