एक जून से हर रूट पर नहीं चलेंगी रोडवेज बसें, यात्री लोड के हिसाब से होगा संचालन

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Updated: 30 May 2020, 01:34 PM IST

सभी डिपो के एआरएम से रूट चार्ट मांगा गया, ६० प्रतिशत लोड पर ही जाएगी बस
नए नियमों का करना होगा पालन, अगर लापरवाही हुई जो जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

कानपुर। लॉकडाउन की अवधि ३१ मई को खत्म हो रही है। इसके बाद एक जून से रोडवेज बसों को चलाने की तैयारी है। हालांकि चौथा चरण पूरा होने के बाद पांचवे चरण के लॉकडाउन की भी तैयारी हो चुकी है और अगर अचानक सरकार के फैसले में कोई बदलाव ना हुआ तो सोमवार से रोडवेज बसें सडक़ों पर सामान्य रूप से दौडऩे लगेंगी। लेकिन यह जरूरी नहीं कि पहले की तरह हर रूट पर सभी रोडवेज बसों का संचालन शुरू करा दिया जाए। इसके लिए परिवहन विभाग ने नया प्लान तैयार किया है, जिससे केवल उतनी ही बसें चलाई जाएं जिनकी जरूरत हो।

६० प्रतिशत लोड का मानक जरूरी
प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार रोडवेज बसें सिर्फ उन्हीं रूटों पर चलेंगी, जहां बसों में 60 फीसदी से अधिक यात्री लोड है। इसके लिए कानपुर के सभी डिपो के एआरएम से रूट चार्ट मांगा गया है। परिवहन विभाग का मानना है कि कोरोना वायरस के डर से हो सकता है कि यात्री कम निकलें। ऐसे में कम यात्रियों के लिए बस को चलाना घाटे का सौदा होगा। वैसे भी चार चरण के लॉकडाउन ने विभाग की आर्थिक स्थिति कमजोर कर दी है। ऐसे में खाली बसों को चलाने की कोई जरूरत नहीं है।

आधे यात्री ही बैठ सकेंगे
वैसे भी विभाग ने हर बस में आधे यात्री ही बिठाने का नियम बनाया है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रह सके। ऐसे में पर्याप्त संख्या रहना जरूरी है, क्योंकि नुकसान तो होना ही है, और अगर मानक से कम यात्री होंगे तो नुकसान ज्यादा होगा। नई व्यवस्था के तहत बस में नए तरह से सीटिंग व्यवस्था लागू की गई है। जिसके अनुसार दो यात्रियों वाली सीट पर एक यात्री और तीन यात्रियों वाली सीट पर दो यात्री बैठेंगे। इस लिहाज से 60 सीटों वाली बस में 30 यात्री ही बैठ सकेंगे। तीन यात्रियों वाली सीट पर बैठे दोनों यात्रियों के बीच में एक यात्री के बराबर का गैप रहेगा। कोई भी किसी यात्री से सटकर नहीं बैठ सकेगा। बस की क्षमता से आधे यात्री ही सवार हो सकेंगे और अगर परिचालक ने इससे ज्यादा यात्री बिठाए तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

नई तैयारियों के साथ होगा संचालन
कानपुर क्षेत्र के आरएम एसके शर्मा ने बताया कि बिना सैनिटाइज किए हुए किसी भी डिपो से बस रवाना होने पर जिम्मेदारों पर निलंबन की कार्रवाई होगी। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। बसों में यात्रियों के हाथ सैनिटाइज कराने के लिए हर कंडक्टर को आधा लीटर का सैनिटाइजर दिया जाएगा। हर छह घंटे में बस स्टैंड पर सफाई के निर्देश दिए गए हैं। 30 मई तक सभी कंडक्टरों को दी जाने वाली टिकट मशीनों को चार्ज करने को कहा गया है। रोडवेज ने पूरी तरह से तैयारियां कर ली हैं। अगर एक जून से शासन की अनुमति से बसों का संचालन होता है तो पहले 60 प्रतिशत से ज्यादा यात्रियों के लोड वाले रूटों पर ही बसों का संचालन होगा।