कोरोना वायरस को लेकर डाॅक्टर वली का दावा, इस वजह से देश में कम है मौत का आंकड़ा

|

Published: 06 May 2020, 09:05 AM IST


छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय वेबिनार में भाग लेने के लिए पहुंचे कानपुर, कोरोना पर किए कई खुलासे, अन्य डाॅक्टरों ने भी रखी अपनी राय।

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के हेल्थ साइंसेज विभाग की ओर से एक अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति के पूर्व चिकित्सक और पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर मोहसिन वली कानपुर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कोरोना वायरस को लेकर कई खुलासे किए। चीन पर आरोप लगाए तो देश वायरस के रहस्यों से पर्दा उठाया। डाॅक्टर वली ने कहा कि भारतीयों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी है, इस वजह से देश में मौतें कम हो रही हैं। अन्यथा कोरोना का प्रकोप कम नहीं है। इस वायरस की मिक्स पिक्चर सामने आ रही है। मतलब कहीं मलेरिया का ट्रीटमेंट काम कर रहा है तो कहीं वायरल का ट्रीटमेंट कारगर है।

लाॅकडाउन उचित कदम
डॉक्टर मोहसिन वली ने बताया कि कोरोना वायरस से चीन ने निकला और कुछ दिनों के अंदर पूरे विश्व में फैल गया। भारत में इसकी दस्तक के साथ सरकार ने उचित कदम उठाए। लाॅकडाउन का फैसला बहुत सही था। यही वजह है कि अन्य देशों की तुलना में हमारे देश में संक्रमित मरीजों की संख्या कम है। डाॅक्टर वली ने कहा कि कोरोना वायरस की अभी वैक्सीन नहीं बनीं। लिहाजा देश के लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा। बेवजह घर से बाहर नहीं निकलें और कोरोना के लक्षण दिखें तो तत्काल डाॅक्टर को दिखाएं।

चीन पर लगाए आरोप
डॉक्टर मोहसिन वली ने बताया कि चीन ने इस वायरस को लेकर काफी चीजें दुनिया से छिपाई हैं। कई लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं दी। यहां तक सही ट्रीटमेंट के बारे में भी कुछ नहीं बताया। यदि चीन सही समय पर वायरस की जानकारी दुनिया के देशों को दे देता तो मुमकिन था कि इतने लोगों की मौत नहीं होती। डाॅक्टर वली ने हमारे भारत में शहरों के मुकाबले कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत कम है। क्योंकि गांव के लोगों के खान-पान और दिनचर्या अलग होती है। यही वजह है ग्रामीणों में रोगोें से लणने की प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है।

डाॅक्टरों की सलाह
यूएसए से फिटनेस एक्सपर्ट डॉक्टर सरनजीत सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान खुद को स्वस्थ रखने का बेहतर मौका है। अच्छी नींद, खानपान और खूब एक्सरसाइज करें। बीएचयू वाराणसी के आयुर्वेद संकाय से प्रोफेसर जीएस तोमर ने कहा कि डायबिटीज के मरीज आहार में जौं, मेथी, परवल, कुंदरू, करेला, जामुन, तेजपत्ता, जीरा का सेवन करें। इससे उन्हें बिना दवा के ही डायबिटीज में लाभ मिलेगा।

देश-विदेश के विशेषज्ञों ने लिया भाग
बतादें इस वेबिनार में देश के साथ कई अन्य देशों के प्रतिभागी और विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया। यूजी, पीजी, पीएचडी, शिक्षक, डॉक्टर, पैरामेडिकल से जुड़े करीब 1767 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें बांग्लादेश व नेपाल के भी पांच प्रतिभागी शामिल हुए। वेबियार में लोगों ने डाॅक्टर व विशेषज्ञों से प्रश्न भी किए और कोरोना वायरस के लक्षण व बचाव के तरीके के बारे में जानकारी ली।