ऑनलाइन कोचिंग लेकर बने शातिर, ट्रेनर सहित तीन दबोचे गए तो हुआ बड़ा खुलासा

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Published: 30 May 2020, 01:06 PM IST

वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए बाइक चोरी के टिप्स लेकर बने वाहन चोर
सरगना सहित दो को दबोचने के बाद अब नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

कानपुर। लॉकडाउन में जब स्कूल बंद हुए तो ऑनलाइन पढ़ाई का दौर तेज हो गया और दूसरी तरफ लॉकडाउन के कारण वाहन चोरी मुश्किल हो गई तो वाहन चोरों ने सरगना ने इसकी भी ऑनलाइन कोचिंग शुरू कर दी। उसने कांफ्रेंस वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने कई साथियों को बाइक चोरी के टिप्स दिए और उनसे बाइक चोरी का काम शुरू करा दिया। जब पुलिस ने सरगना और उसके दो साथियों को दबोचा तो उनकी ऑनलाइन कोचिंग का खुलासा हुआ। पुलिस अब उसके संपर्क में आने वाले सभी चोरों की जानकारी खोज रही है।

लॉक तोडऩे से लेकर सारे खेल ऑनलाइन सिखाता था
ग्वालटोली थाने की पुलिस के हत्थे चढ़े तीन वाहन चोरों ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस भी चौंक पड़ी। पकड़े गए दो चोरों मेें एक का नाम सुहैल, दूसरे का अमन और तीसरे का नाम सलमान है। इनमें सुहैल गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह लॉकडाउन में मोबाइल पर अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को वाहन चुराने के टिप्स देता था। सुहैल अपने साथियों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर बताता था कि दोपहिया वाहन का लॉक पेचकस से कैसे खोलें। वाहन के पेट्रोल के पाइप में चीनी डाल देने से वह खराब हो जाता है। वाहन चोरी के बाद सबसे पहले उसकी नम्बर प्लेट बदली जाए। इसके लिए पहले से कई तरह की नम्बर प्लेट बनाकर रखी जाएं। ऐसी ही तमाम जानकारियां वह फोन पर देता था।

मोबाइल से खुलेगा नेटवर्क का जाल
पुलिस को अब तक सरगना सुहैल का मोबाइल नहीं मिला है। मोबाइल में ही सुहैल से चोरी की कोचिंग लेने वालों के नंबर हैं। उसके मिलते ही नेटवर्क का भी खुलासा हो जाएगा। सुहैल ने बताया कि लॉकडाउन में सब कुछ बंद था और लोग घर से बाहर ही नहीं निकल रहे थे, ऐसे में वाहन चोरों का गिरोह घटनाओं को अंजाम नहीं दे पा रहा था। इसलिए लॉकडाउन खुलने के बाद के लिए ये तेजी से तैयारी कर रहे थे। आपस में मुलाकात हो नहीं सकती थी, इस कारण फोन पर ही चोरी के तरीके सिखाए जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कुछ सदस्यों के बारे में सूचनाएं मिली हैं, जिन पर काम चल रहा है। जल्द ही बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करेंगे।