हर कोई सहम गया फिल्मी अंदाज में भागती कारें देखकर

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Published: 14 Oct 2021, 02:06 AM IST

-मुठभेड़ में मरे वांछित की दो मामलों में थी पुलिस को तलाश
- वाल्मिकी समाज ने की निष्पक्ष जांच की मांग, अस्पताल व मोहल्ले में पुलिस बल तैनात

जोधपुर.
पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ से बुधवार शाम शहर में सनसनी फैल गई। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से लगभग 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रोंग साइड से भाग रही कार और पीछा कर रही निजी कार में पुलिस को देखकर एक बार लोग सहम गए। रातानाडा सब्जी मंडी से शाम करीब पौने छह बजे शुरू हुआ यह नजारा शहर में लगभग आठ-नौ किलोमीटर तक जिसने भी देखा, उसे फिल्मी दृश्य याद आ गए। आखिर सामने से आई पुलिस की एक अन्य कार को देखकर कार से भाग रहे तीन बदमाशों को पुलिस ने दबोचा और चौथा वांछित हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा कार में घायल मिला, जिसने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया।
पुलिस के अनुसार जानलेवा हमले के दो मामलों में लवली की तलाश थी। उसके रातानाडा सब्जी मंडी के पास कार में बैठे होने की सूचना पर रातानाडा थानाधिकारी तीन सिपाहियों को साथ लेकर अपनी निजी कार से निकल लिए। थाने की जीप किसी अन्य काम से गई हुई थी। चालक के पास वाली सीट पर बैठा लवली और उसके साथी पुलिस को देखते ही कार भगाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार फिल्मी अंदाज में भाग रही थी। पुलिस पीछा कर रही थी। कार में खिड़की के पास एक व्यक्ति हाथ में पिस्तौल पकड़े बैठा था। यह दृश्य जिसने भी देखा, सहम गया। तेज रफ्तार आ रही कारों को देख कई लोगों ने खुद को साइड में कर लिया।
डण्डों से फोड़े कांच
कार सवार बदमाशों को रोकने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी भी कराई। बदमाश नाकाबंदी को तोड़ते हुए कार भगाते रहे। पुलिस ने डण्डों से कार के शीशे पर वार किए, ताकि चालक को सड़क नजर न आए तो रूक सके, लेकिन बदमाशों की कार नहीं रुकी।
मोटरसाइकिल चपेट में आई
तेजी से भाग रही बदमाशों की कार ने रातानाडा भास्कर चौराहे के पास एक मोटर साइकिल से भी टकराई। गनीमत रही कि बाइक चालक बाल बाल बच गया।
दूसरी गोली चली तो सब्र टूटा
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने रातानाडा में ग्रीन गेट के पास पुलिस पर पहली गोली चलाई। फिर वे भीड़-भाड़ के बीच लापरवाही से कार भगाने लगे। बनाड़ रोड पर भी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। डिगाड़ी फांटा के पास पुलिस भी कार के बराबर आ गई। तब बदमाशों ने दूसरी गोली चलाई, जो थानाधिकारी के बगल के पास कार में लगी। तब पुलिस का सब्र टूट गया और बचाव में छह राउण्ड फायर किए।
अस्पताल पहुंचे परिजन व समाज के लोग
लवली की मौत की सूचना पर परिजन व वाल्मिकी समाज के लोग अस्पताल पहुंचे। वहां भीड़ हो गई। रात को परिजन व समाज के लोग उदयमंदिर हरिजन बस्ती को निकल गए। तनाव की स्थिति देख अस्पताल में ट्रोमा सेंटर व आस-पास और मृतक के मकान व मोहल्ले में पुलिस व आरएसी का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया।
बारह मामले थे दर्ज, दो में था फरार
उदयमंदिर में तिलक नगर हरिजन बस्ती निवासी लवली कण्डारा नागौरी गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, अवैध हथियार के 12 मामले दर्ज हैं। उसका भाई मोंटू कण्डारा भी हिस्ट्रीशीटर है। राम मोहल्ला में एक युवक पर जानलेवा हमले के मामले में दोनों भाई फरार थे। रातानाडा थाना पुलिस को भी जानलेवा हमले के एक मामले में लवली की तलाश थी।
पुलिस पकड़ भी सकती थी: चाचा
अस्पताल पहुंचे लवली के चाचा का कहना है कि दलित होने से भतीजे को गोली मारी गई। उसका कोई अपराध नहीं था। पुलिस के लिए वह अपराधी होगा, लेकिन परिजन उसे दोषी नहीं मानते। पुलिस उसे कार पर गोली मारकर पकड़ सकती थी। समाज के नेता चन्द्रप्रकाश टायसन का कहना है कि लवली कोई बड़ा अपराधी नहीं था। छोटे-मोटे अपराध चलते रहते हैं। पुलिस चाहती को उसे जिंदा पकड़ सकती थी।
पहली मुठभेड़
एनकाउंटर में किसी बदमाश की मृत्यु का जोधपुर में यह पहला मामला है। पुलिस ने 007 गैंग के गुर्गे व टोल नाके पर फायरिंग के एक आरोपी को फायरिंग के जवाब में पांव में गोली मारकर पकड़ा था। वहीं, सर्किट हाउस के सामने रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग कर भागे युवक को भी पुलिस ने बनाड़ क्षेत्र में गोली मारकर पकड़ा था।