अपने पसंदीदा पार्टी के पक्ष में प्रचार करने पर निलंबित हुए 6 कर्मचारी होंगे बहाल, चुनाव पूर्ण होने पर खत्म हुआ 'नाटक'

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Published: 24 Dec 2018, 03:58 PM IST

विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के तीन दर्जन अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

जोधपुर. विधानसभा चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन व लापरवाही के मामलों में प्रदेश भर से 39 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 29 को निलम्बित व 10 को एपीओ किया गया था। इन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ चुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने, प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार और सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट अपडेट करने की शिकायतें मिली थी। चुनाव समाप्त होने के बाद अब इन कर्मचरियों की बहाली शुरू हो गई है। इनमें भी जोधपुर जिला प्रशासन ने सबसे पहले 6 निलम्बित कर्मचारियों को बहाल किया है। वहीं सीकर सहित अन्य जिलों में कर्मचारियों को बहाल करने की तैयारी के लिए बैठकें हो गई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जोधपुर में कर्मचारियों को सजा के तौर पर कुछ ही दिन मुख्यालय में बैठना पड़ा और वापस बहाली के लिए भी उन्हें उसी जगह लगाया जा रहा है, जहां उनके खिलाफ शिकायतें मिली थी। हालांकि जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सबसे ज्यादा निलम्बित जोधपुर व सीकर में
प्रदेश में चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई जोधपुर व सीकर जिले में हुई। इनमें जोधपुर में 6 कर्मचारियों को निलम्बित और 4 को एपीओ किया गया। वहीं जोधपुर जिले में करीब 120 से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए थे। सीकर में आचार संहिता के उल्लंघन व लापरवाही पर 8 कर्मचारियों को निलम्बित व 2 कर्मचारियों को एपीओ किया गया। पाली में 3 कर्मचारी निलम्बित, 1 एपीओ, इसी तरह उदयपुर में 4, जैसलमेर में 2, अलवर में 1, जयपुर ग्रामीण में 1 अधिकारी निलम्बित किए गए। अजमेर में 2 अधिकारी निलम्बित और 1 एपीओ , नागौर में 2 निलम्बित, श्रीगंगानगर में 1 एपीओ, हनुमानगढ़ में 1 एपीओ, भीलवाड़ा में 4 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए थे।

अधिकारियों से दो गुना कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई
चुनाव के दौरान अधिकारियों से दो गुना ज्यादा कार्रवाई कर्मचारियों के खिलाफ हुई। प्रदेश में 27 कर्मचारी और 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई अधिकारी-कर्मचारियों के राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने, प्रत्याशियों के प्रचार और सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट करने की शिकायतों पर हुई।

इनका कहना है

चुनाव के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई की गई थी। ताकि वे चुनाव को प्रभावित न कर पाएं। चुनाव समाप्त होने पर उन्हें बहाल कर दिया गया। उन्हें उसी जगह लगाया गया है, जहां वे पहले कार्यरत थे। उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी, जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छगनालाल गोयल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जोधपुर