ग्राम विकास सचिव रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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Published: 15 Mar 2021, 09:19 PM IST

-किराए के कमरें से रंगे हाथ गिरफ्तार किया



झालावाड़/भवानीमंडी. झालावाड़ एसीबी की टीम ने भवानीमंडी पंचायत समिति के मोगरा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी को ग्रामीण आवास के पटï्टे जारी करने की एवज में 30 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पूर्व सचिव रिश्वत के रूपए फैंककर भागने लगा, जिसे एसीबी की टीम ने उसे भागकर दबोच लिया।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवानीशंकर ने बताया कि पचपहाड़ तहसील के मोगरा गांव निवासी नारायण सिंह राजपूत ने 3 मार्च को दिए परिवाद में बताया था कि सुनेल थाना क्षेत्र के हेमड़ा गांव निवासी गोविन्द मेहर जो भवानीमंडी मंडी पंचायत समिति की मोगरा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास सचिव के पद पर कार्यरत है। उसने गांव के पांच अन्य ग्रामवासियों एवं उसे 5 अक्टूबर 2020 को नोटिस जारी कर प्रति पट्टा 10 हजार रूपए रिश्ववत राशि के हिसाब से 60 हजार रूपए की मांग की थी। जिस पर पूर्व में उसने 30 हजार रूपए प्राप्त कर लिए थे। बकाया 30 हजार रूपए देने को लेकर कह रहा था। जिस पर सोमवार को एसीबी की टीम ने योजना बनाकर ग्राम विकास सचिव को 30 हजार रूपए की रिश्वत के साथ किराए के कमरें से रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
घायल हुआ एसीबी टीम का सदस्य-
रिश्वतखोर सचिव को रंगे हाथ पकडऩे गई एसीबी की टीम ने जैसे ही उसके घर में उसे 30 हजार रूपए के साथ पकडऩा चाहा तो सचिव मौके का फायदा उठाकर पीछे के रास्ते से भागने लगा। इस दौरान उसने रिश्वत के 30 हजार रूपए फैंक दिए। एसीबी टीम के सदस्य सूरजमल एवं देवनारायण ने उसे कुछ दूरी पर ही पकड़ लिया। सचिव को पकडऩे के दौरान सूरजमल के नीचे गिर जाने के कारण वह चोटिल हो गया।

ग्राम पंचायत के लेटरपेड पर जारी किए नोटिस-
एसीबी की टीम ने जांच में प्रथम दृष्टिया पाया की ग्राम विकास सचिव गोविन्द मेहर एवं सरपंच रणजीत सिंह ने ग्रामवासियों को ग्राम पंचायत के लेटर पेड पर लाखों रूपए वसूलने के लिए फर्जी नोटिस जारी किए। जिसमें नारायण सिंह को पटïï्टा शुल्क जमा करने के लिए 3 लाख 8 हजार रूपए, मोती सिंह को 1 लाख 92 हजार 500 रूपए, बने सिंह को 1 लाख 54 हजार रूपए, प्रहलाद सिंह को 2 लाख 20 हजार रूपए का फर्जी नोटिस जारी कर शुल्क जमा कराने के लिए कहा गया। जबकि ग्राम पंचायत को किसी भी प्रकार की कारवाई के लिए पंचायत समिति के विकास अधिकारी को सूचित करना होता है। लेकिन ग्राम विकास सचिव एवं सरपंच ने ही ग्राम पंचायत के लेटर पेड हस्ताक्षर कर पट्टा शुल्क जमा कराने के नोटिस जारी कर दिए।

सरपंच फरार, सचिव रंगे हाथ गिरफ्तार-
मोगरा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास सचिव एवं सरपंच ने ग्राम पंचायत के लेटर पेड पर ग्रामीणों को पटï्टे बनाने के लिए पटï्टा शुल्क जमा कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर नोटिस जारी कर रिश्वत लेने की योजना बनाई थी। लेकिन एसीबी में शिकायत होने पर सचिव रंगे हाथ दबोचा गया। लेकिन सरपंच फरार हो गया। वही सरपंच रणजीत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए एसीबी ने टीमे गठित कर तलाश शुरू कर दी।

संदेह के घेरे में पंचायत समिति-
एसीबी एएसपी भवानी शंकर ने बताया की ग्रामीण क्षेत्र में पटï्टा शुल्क जमा कराने के लिए लाखों रूपए के नोटिस जारी किए गए। जबकि ग्रामीण क्षैत्र में लाखों के बजाय हजारों में ही पटïï्टा शुल्क जमा होता है। परिवादी द्वारा एसीबी को नोटिस की फोटो प्रति देने के बाद पड़ताल में पाया गया की पटï्टा प्रकरण पूरा फर्जी है। जिससे लगता है कि ऐसे पटï्टो के प्रकरण अन्य जगहो पर भी चल रहे होंगे। इतने फर्जी नोटिस जारी होने पर ग्रामीण शिकायत लेकर पंचायत समिति भी गए होंगे। वही पंचायत समिति ने ऐसे फर्जीवाड़े पर रोक क्यों नहीं लगाई। जबकि परिवादी ने एसीबी में पहुंचकर शिकायत की।

सचिव से पूछताछ करेगी एसीबी-
फर्जी नोटिस जारी कर ग्रामीणों से रूपए वसूलने को लेकर एसीबी की टीम सचिव गोविन्द मेहर से फर्जी नोटिस प्रकरण में शामिल लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ करेगी। कार्रवाई करने वाली टीम में आरक्षक गोपाल लाल, कांस्टेबल देवदान सिंह, मोहम्मद अश्फाक, सूरजमल, छोटू लाल, रतन लाल, वरिष्ठ सहायक प्रमेश कुमार आदि शामिल थे।

एसीबी ने अभी तक 5 ट्रेप की कार्रवाई कर 11 जनों को किया गिरफ्तार-
राज्य सरकार के पारदर्शी शासन के लाख दावे करने के बाद भी जिले में नौकरीशाही पर भ्रट्राचार के आरोप आए दिन लग रहे हैं। झालावाड़ एसीबी ने अभी तक पांचबड़ी कारवाई कर 11 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। एसीबी के एसएसपी भवानीशंकर मीणा ने बताया कि 2021में अभी तक 5 कार्रवाई की जा चुकी है।


यहां हुई कार्रवाई-
20 जनवरी को-सुकेत में 18000 रूपए की रिश्वत में महिपालसिंह ग्राम विकास अधिकारी, मो. रफसजानी, अब्दुल वकार, अब्दुल इस्लाम को गिरप्तार किया।

9 फरवरी को- पटवारी विनोद मालव,तेजकरण कुशवाह कानूनगों को 30 हजाररूपए रिश्वत लेते पकड़ा।

11 फरवरी को-तितरवास सरपंच कालूराम, दलाल रामलाल प्रजापति को 20 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
25 फरवरी को- सीताराम मीणा द्वितीय थानाधिकारी सदर बारां को 3 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

15 मार्च को- मोगरा निवासी गोविन्द मेहर को पट्टा देने की अवज में 30 हजार रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
नोटिस जारी किया जा सकता है-
मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि पट्टों पर लाखो रूपए का नोटिस जारी किया जा सकता है क्या, मैं पूछकर बताता हंू।
नवीन सोनी, कार्यवाहक विकास अधिकारी पंचायत समिति भवानीमंडीझालावाड़