जिला अस्पताल में बने कॉविड आइसीयू को आज से शुरू करने के निर्देश

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Published: 15 Apr 2021, 12:28 AM IST


नवागत कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पदभार ग्रहण करने के तत्काल बाद किया जिला अस्पताल का दौरा


झाबुआ. जिला अस्पताल में नव निर्मित कॉविड-19 आइसीयू के आज से शुरू होने की उम्मीद है। ऐसा होता है तो संक्रमण के शिकार गंभीर मरीजों को उपचार के लिए इंदौर या फिर सीमावर्ती गुजरात राज्य नहीं जाना होगा। उन्हें यहीं पर ही समूचित उपचार मिल जाएगा। बुधवार को जिला अस्पताल के दौरे पर पहुंचे नवागत कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने आरएमओ डॉ. एसएस चौहान को प्राथमिकता से 24 घंटे में आइसीयू प्रारंभ करने के निर्देश दिए। पदभार ग्रहण करने के तत्काल बाद कलेक्टर सबसे पहले जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उनका पूरा फोकस कोरोनो संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों पर रहा। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थित फीवर क्लीनिक की जानकारी ली और संक्रमित मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जाना। आरएमओ डॉ. एसएस चौहान ने बताया कि टेस्टिंग बाहर की जाती है और संक्रमित मरीजों को पीछे के रास्ते से एडमिट करने के लिए भेजा जाता है।
24 घंटे में आइसीयू शुरू करें
नि रीक्षण के दौरान कलेक्टर मिश्रा जब कॉविड-19 के लिए बनाए गए नवनिर्मित आइसीयू के सामने से गुजरे तो उन्हें इस बात का आश्चर्य हुआ कि अब तक आइसीयू शुरू नहीं हो सका था। इस पर आरएमओ डॉ. चौहान ने बताया ऑक्सीजन सप्लाय की चेकिंग का काम अंतिम दौर में है, यह पूरा होते ही गंभीर संक्रमित मरीजों को यहां भर्ती किया जाएगा। कलेल्टर मिश्रा ऑक्सीजन सप्लाय की सेंट्रल लाइन को देखने छत पर पहुंचे। उन्होंने काम कर रही टीम के कर्मचारियों से बात की और कहा कि किसी भी सूरत में रात 8 बजे तक काम पूरा हो जाना चाहिए। इसके बाद कम से कम 6 घंटे तक ऑक्सीजन सप्लाय कर आइसीयू की व्यवस्था देखें। कहीं कोई तकनीकी दिक्कत आती है तो उसे तुरंत दूर करें, ताकि गंभीर मरीजों को आइसीयू में रखा जा सके। इसके लिए कलेक्टर ने 24 घंटे की समय सीमा दी। कलेक्टर ने ऑक्सीजन सिलेंडर की स्थित और कोरोनो पीडि़त भर्ती मरीजों की भी जानकारी ली। आरएमओ डॉ. चौहान ने बताया फिलहाल जिला अस्पताल में 30 बेड कोरोना पीडि़त मरीजों के लिए आरक्षित है। यहां 48 मरीजों का उपचार चल रहा है। 20 बेड पर सेंट्रल लाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाय की जा रही है। कलेक्टर मिश्रा जब एक वार्ड में से होकर पीछे की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि वहां भर्ती बच्चे और उनके माता-पिता ने मास्क नहीं लगा रखा था, इस पर कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को सभी मरीजों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करने और मास्क उपलब्ध कराने को कहा।