राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा मांगने वाले दो गिरफ्तार, फर्जी रसीद छपवाकर करते थे उगाही

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Published: 04 Feb 2021, 07:14 PM IST

  • जौनपुर में सामने आयी राम मंदिर के नाम पर फर्जी उगाही
  • जिस प्रिंटिंग प्रेस में छपी फर्जी रसीद उसके मालिक को भी किया गिरफ्तार

राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा मांगने वाले दो गिरफ्तार, फर्जी रसीद छपवाकर करते थे उगाही

पत्रिका न्यज नेटवर्क

जौनपुर. राम मंदिर निर्माण के नाम पर फर्जी रसीद छपवाकर चंदा वसूल रहे दो लोगों को जौनपुर में गिरफ्तार किया गया है। ये लोग स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस में मंदिर निर्माण के चंदे की रसीद छपवाकर फर्जी तौर पर चंदा इकट्ठा कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को जेल भेजने के बाद इनके गिरोह में शामिल अन्य जालसाजों की तलाश तेज कर दी है। विहिप कार्यकर्ताओं ने एसपी से शिकायत की थी कि कुछ लोग फर्जी रसीदों के सहारे श्रीराम मंदिर के नाम पर वसूली कर रहे हैं।


जौनपुर में विहिप कार्यकर्ताओं को 31 जनवरी को श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र निर्माण ट्रस्ट, अयोध्या, उत्तर प्रदेश के नाम की एक रसीद मिली थी। रसीद पर जो बैंक खाता संख्या दर्ज है वह राम मंदिर ट्रस्ट का न होकर किसी का व्यक्तिगत है। रसीद देखकर शक होने पर छानबीन की गर्इ तो पता चला कि ये रसीद शहर के एक प्रिंटिंग प्रेस से छपी थी। रसीद पर प्रेस का नाम भी था। इसके बाद जालसाजों को पकड़ने के लिये जाल बिछाया गया। विहिप के जिला मंत्री जनमेजय तिवारी ने रसीद पर छपे मोबाइल नंबर पर फोन कर 21 हज़ार रुपये चंदा देने की बात कही। आरोपी जब चंदा लेने पहुंचा तो उसे पकड़कर लाइन बाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया।


विहिप जिलामंत्री जनमेजय तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र निवासी आरोपी राहुल अस्थाना, राकेश निषाद व रोडवेज तिराहा स्थित प्रिंटिंग प्रेस संचालक रमाकांत के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विहिप जिलामंत्री ने बताया कि रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का एक ट्रस्ट बना है जिसने केवल आरएसएस आैर वीएचपी को चंदे के लिये अधिकृत किया है।


एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि छानबीन की जा रही है। जालसाज गिरोह में अन्य लोग भी होंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।