Malhani Bypoll 2020 ग्राउंड रिपोर्ट: त्रिकोणीय मुकाबले में फंसती दिख रही मल्हनी विधानसभा सीट

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Published: 12 Oct 2020, 02:04 PM IST

  • समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाती है मल्हनी विधानसभा सीट
  • सपा के पूर्व मंत्री पारसनाथ यादव के निधन के बाद हो रहा है उपुचुनाव
  • यादव वोटर निर्णायक माने जाते हैं इस सीट पर

Malhani Bypoll 2020 ग्राउंड रिपोर्ट: त्रिकोणीय मुकाबले में फंसती दिख रही मल्हनी विधानसभा सीट

जौनपुर. मल्हनी उपचुनाव धीरे-धीरे ज़ोर पकड़ रहा है। यह 2022 में होने वाले फाइनल से पहले यह 2020 का सत्ता का सेमीफाइनल है। जिसमें अपने प्रत्याशी, सभी पार्टियां दमखम के साथ जा रही हैं। मल्हनी को ये उपचुनाव त्रिकोणीय होने की पूरी आशंका है। सपा से लकी यादव होंगे तो इस क्षेत्र में दबदबा रखने वाले धनंजय सिंह भी सामने होंगे। इन दोनों को भाजपा प्रत्याशी भी टक्कर देता नज़र आएगा।


2012 से पहले ये क्षेत्र रारी के नाम से जाना जाता था। नया परसीमन बना तो इस सीट का नाम मल्हनी कर दिया गया। उस दौरान इसमें कई यादव बहुल्य क्षेत्र को जोड़ दिया गया। इसके बाद 2012 में हुए चुनाव में पारसनाथ यादव जीते। तब से अभी तक ये सीट उनके पास ही थी। इसी साल उनके निधन के बाद अब यहां उपचुनाव होने जा रहे हैं। इसके पूर्व 1989 में कांग्रेस के अरूण कुमार सिंह मुन्ना ने जीत हासिल की। 1991 में जनता दल के प्रत्याशी मिर्जा सुल्तान रजा


को जीत मिली। 1993 में सपा-बसपा गठबंधन हुआ तो इस सीट पर सपा के लालजी यादव योगी का कब्ज़ा हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में फिर सपा से श्रीराम यादव ने परचम लहराया। 2002 का चुनाव आते-आते धनंजय सिंह भी निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में कूदे। इसमें उन्हें जीत हासिल हुई। 2007 में जदयू ने उन्हें टिकट दिया और भाजपा ने समर्थन तो वे फिर विधानसभा के सदस्य बन गए। 2009 में धनंजय सिंह बसपा से जौनपुर सांसद चुने गए। यहां उपचुनाव हुए तो उन्होंने बसपा से अपने पिता राजदेव सिंह को टिकट दिलवा कर जीत दिलाई। 2012 में इस सीट पर नया परिसीमन हुआ। इसमें कई यादव बहुल्य क्षेत्र को जोड़ दिया गया। जब यहां चुनाव हुआ तो उसमें पारसनाथ यादव ने 82000 वोट पाकर रिकार्ड जीत दर्ज की। 2017 में भी पारसनाथ यादव ने जीत का सिलसिला जारी रखा। 2020 में उनके निधन के बाद अब इस पर उपचुनाव होने जा रहा है।


यादव वोटर तय करते हैं हार-जीत

मल्हनी विधानसभा सीट पर हार-जीत का फैसला यादव वोटर करते हैं। करीब 3 लाख 62 हजार 3 सौ 63 वोटर संख्या वाले इस विधानसभा सीट में यादव वोटरों की संख्या 80 हजार के पार है। वहीं दलित वोटर भी 50 हजार के करीब हैं। तीसरे नंबर पर ब्राह्मण वोटर की गिनती आती है जो करीब 35 हजार हैं। इसके बाद कहीं जाकर क्षत्रिय वोटर का नंबर आता है। इनकी संख्या भी 33 हजार है। वहीं 15 हजार मुस्लिम और लगभग 10 हजार बलिया वोटर यहां मतदान करते हैं। बाकी संख्या में सभी जाति के लोग शामिल हैं। इन वोटर में 188993 मतदाता पुरूष और 17354 महिला हैं। 18 वोटर ट्रांसजेंडर हैं।