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आतंकियों की लगातार हो रही भर्ती ने बढाई सुरक्षाबलों की चिंता,इस साल इतने युवकों ने पकडी आतंक की राह

By Prateek Saini

Sep, 04 2018 05:51:18 (IST)

इधर युवकों के आतंकी की राह पकडने के बाद से सुरक्षाबल चिंतित है क्योंकि इस समय आॅपरेशन आॅल आउट चल रहा है इसी बीच आतंक की राह पकडने वाले युवकों की संख्या तीन सौ का आंकडा पार कर गई है...

(पत्रिका ब्यूरो,जम्मू): जम्मू के डोडा जिले के घट इलाके के फुरकान आबाद मोहल्ला के हारुन अब्बास वानी (21) पुत्र गुलाम अब्बास वानी का फोटो सोशल मीडिया पर एके 47 बंदूक के साथ वायरल होने के बाद से पूरे राज्य में हडकंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियां और युवक के परिजन सकते में आ गए है। जहां युवक के परिजन उससे यह रास्ता छोडकर वापस आ जाने की गुहार लगा रहे है वहीं सुरक्षाबल और भी सजग हो गए है। यह पहला मामला नहीं है डोडा जिले के युवकों का झुकाव आतंकी संगठन की ओर हुआ है इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इधर युवकों के आतंकी की राह पकडने के बाद से सुरक्षाबल चिंतित है क्योंकि इस समय आॅपरेशन आॅल आउट चल रहा है इसी बीच आतंक की राह पकडने वाले युवकों की संख्या तीन सौ का आंकडा पार कर गई है।


डोडा से पहले भी सामने आए है ऐसे मामले

गौरतलब है कि पिछले दिनों भी ईद मनाने आए डोडा जिले के साजन गांव का आबिद बट्ट के अचानक आतंकी बनने की खबर फैली थी। उसने परिजनो की गुहार नहीं सुनी और एक माह के भीतर ही सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया था। डोडा के साथ लगते किश्तवाड़ जिले में भी रेहड़ी लगाने वाले असम के एक युवक का फोटो हथियार सहित वायरल हुआ था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह अभी तक मिसिंग ही है।


आतंकी संगठनों की नजर पढे लिखे युवकों पर

यह घटनाएं दर्शा रही हैं कि आतंकी संगठनों की नजर अब चिनाब घाटी के पढ़े लिखे युवकों पर है, जो उन्हें बरगला कर इन जिलों में दहशत का माहौल बनाना चाहती हैं। सूत्रों के अनुसार यहां के युवकों को बहकाने का प्रयास लगातार जारी है और अगर यहां पर आतंकी संगठनों का तंत्र थोड़ा भी मजबूत हुआ तो आतंक की राह अपनाने वाले युवकों की संख्या बढ़ सकती है। इस वर्ष हारुन वानी 135वां युवक है, जिसने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का दामन थामा है आतंकियों ने इसका कोड नाम मोहिन उल इस्लाम दिया है।

 

 

आतंकियों की बढती संख्या चिंताजनक

वही ऑपरेशन ऑल आऊट के बीच घाटी में सक्रिय आतंकियों की संख्या 327 तक पहुंच गई। यह तादाद बीते 11 बरसों में सबसे ज्यादा है। वर्ष 2007 के दौरान घाटी में सक्रिय आतंकियों की तादाद 70-80 तक सिमट गई थी जो बाद में बढ़ते हुए 175-200 के बीच रही। 2013 से 2017 तक आतंकियों की तादाद 200 -250 तक रही।

 

 

लगातार हो रही आतंकियों की भर्ती

आतंकियों की बढ़ती तादाद की पुष्टि करते एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगस्त की शुरुआत में तैयार की गई सूची के मुताबिक घाटी में 327 आतंकी सक्रिय हैं। इनकी तादाद बढ़ भी सकती है क्योंकि भर्ती लगातार बढ़ रही है। बीते साल कश्मीर में 126 लड़के आतंकी बने थे जबकि इस साल यह आंकड़ा 135 हो चुका है।

 

उन्होंने बताया कि 327 सक्रिय आतंकियों में 211 स्थानीय हैं और 116 विदेशी हैं। दक्षिण कश्मीर में सक्रिय 181 आतंकियों में 166 स्थानीय हैं जबकि उत्तरी कश्मीर में सक्रिय 129 में 35 स्थानीय और 94 विदेशी आतंकी हैं। मध्य कश्मीर के तीन जिलों श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल में नौ स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा 141 आतंकी लश्कर से संबधित हैं जबकि हिजबुल मुजाहिदीन में 128 आतंकी हैं। शेष आतंकी जैश-ए-मोहममद, अल-बदर, गजवा-ए-हिंदू, हरकत व तहरीकुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि ऑपरेशन ऑल आऊट के तहत सुरक्षाबलों ने बीते साल 200 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था जबकि इस साल पूरी वादी में 142 के करीब आतंकी मारे गए हैं।’