आखिर कौन खा रहा गरीबों का गेहूं!

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Published: 29 Apr 2020, 11:13 AM IST

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आखिर कौन खा रहा गरीबों का गेहूं!

जालोर. जिले में लॉकडाउन के दौरान गरीब, बीपीएल व खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवारों को राशन के लिए कोई दिक्कत ना हो इसके लिए जिला प्रशासन ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर राशन डीलर्स को घर-घर जाकर राशन का गेहूं वितरित करने के निर्देश दे रखे हैं। इसके लिए बायोमैट्रिक मशीन का प्रयोग तो किया जा रहा है, लेकिन वितरण व्यवस्था के लिए अंगूठा लगाने के बजाय मोबाइल नंबर व ओटीपी की व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था के बावजूद राशन वितरण में घोटाले की बू आ रही है। जिले में निवासरत कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने राशनकार्ड के जरिए उचित मूल्य दुकान से सालों से गेहूं का एक दाना तक नहीं लिया, लेकिन अब लॉकडाउन में उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी नंबर और कुछ देर बाद ही राशन के 25 किलो गेहूं प्राप्त हो जाने के मैसेज आ रहे हैं। इसके बाद एक जागरूक युवा ने इस संबंध में राजस्थान संपर्क में शिकायत भी दर्ज करवाई है। जिसमें मोबाइल पर आए इन मैसेज के स्क्रीन शॉट भी भेजे गए हैं। जालोर निवासी युवा शंकर सुथार का कहना है कि वह एपीएल वर्ग से है। उसने ना तो लॉकडाउन से पहले और ना ही अब तक राशन का गेहूं लिया है। इसके बावजूद उसके मोबाइल नंबर पर राशन का गेहूं प्राप्त करने के लिए पहले ओटीपी नंबर प्राप्त हुए और इसके कुछ देर बाद ही आपने 25 किलो गेहूं प्राप्त कर लिए हैं का मैसेज आया है।
आखिर क्यों नहीं आ रहे पकड़ में
रसद विभाग व जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में राशन वितरण पूर्णत: नियमानुसार हो रहा है और अनियमतता पाए जाने पर संबंधित राशन डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जा रहा है। मगर राशन वितरकों की ओर से इस नई डिजिटल और ओटीपी की प्रक्रिया का भी तोड़ निकाला जा चुका है। बिना ओटीपी वेरिफिकेशन के ही गेहूं प्राप्त होने का मैसेज मोबाइल पर आना इसी बात को दर्शा रहा है। इसके बावजूद ये लोग प्रशासन की पकड़ में नहीं आ पा रहे हैं।
अब तक 5 के लाइसेंस रद्द
लॉकडाउन के बाद से जिले में कलक्टर के निर्देश पर राशन डीलर्स घर-घर जाकर सोशल डिस्टेंस व एडवाइजरी की पालना करते हुए गेहूं का वितरण कर रहे हैं। ऐसे में वितरण में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों की शिकायत के बाद लॉकडाउन की अवधि में जिले के पांच राशन डीलर्स के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी।
इनका कहना...
गत 26 अप्रैल को शाम 5.14 बजे मोबाइल पर राशन प्राप्त करने के लिए ओटीपी नंबर प्राप्त हुए और इसके एक मिनट बाद ही 25 किलोग्राम गेहूं प्राप्त करने का मैसेज मोबाइल पर आया। जबकि मैंने राशन का गेहूं कहीं से लिया ही नहीं था। गरीबों के गेहूं आखिर कहां जा रहे हैं, यह जानने व ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इसी दिन राजस्थान संपर्क में शिकायत दर्ज कराई है।
- शंकर सुथार, मानपुरा कॉलोनी, जालोर
जांच करवाएंगे...
खाद्य सुरक्षा में चयनितों को ही राशन के गेहूं वितरित किए जा रहे हैं। अगर संबंधित व्यक्ति ने गेहूं नहीं लिया और फिर भी मैसेज आया है तो निरीक्षक से इस मामले की जांच करवाई जाएगी। गेहूं वितरण में किसी तरह की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। वैसे लॉकडाउन में अनियमितता बरतने वाले 5 राशन डीलर्स का लाइसेंस रद्द किया गया है।
- लल्लूराम मीणा, डीएसओ, जालोर