नोडल अधिकारी ने ग्राम पंचायत के सभी विकास कार्य पाए अधूरे, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

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Updated: 24 Dec 2020, 04:48 PM IST

- समीक्षा के दौरान कई तरह की लापरवाही आई सामने
- मनरेगा के तहत हुए अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने की शिकायत
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए आवास आधे से ज्यादा पाए गए अधूरे
- नोडल अधिकारी ने गोशाला का नहीं किया निरीक्षण

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जालौन. जिले के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत बौहरा में यूपी सरकार द्वारा कराए गए विकास की जांच करने के लिए नोडल अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। गांव का निरीक्षण करने से पहले एक जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोडल आधिकारी उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त आईएएस धीरज साहू रहे। इसके साथ ही कोंच तहसील के मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, खंडविकास अधिकारी, लेखपाल, समाज कल्याण सचिव, ग्राम प्रधान और अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

नोडल आधिकारी उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त आईएएस धीरज साहू ने जन चौपाल कार्यक्रम में सबसे पहले गांव में हुए विकास की समीक्षा की और जन सुनवाई भी की। कार्यक्रम में विभाग वार समीक्षा की। सामीक्षा बैठक में विधवा पेंशन योजना, विकलांग पेंशन, कई योजनाओं के लाभ के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। इसके साथ ही मनरेगा के तहत हुए अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की और बताया कि शौचालय निर्माण योजना से तहत गांव में शौचालय का निर्माण किया गया लेकिन कुछ शौचालयों का निर्माण अभी भी अधूरा है और कुछ लोगों के शौचालय तो बने ही नहीं है।

जब नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से लापरवाही पाए जाने जवाब मांगा तो कुछ अधिकारियों ने तो कुछ न कुछ बहाना बनाकर टाल दिया और कुछ अधिकारियों को तो नोडल अधिकारी के सवालों का जवाब देना भी मुश्किल हो गया। नोडल अधिकारी ने अधूरे विकास कार्यों की शिकायत पर अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की और उन विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया। जिसमें आधे से ज्यादा आवास अधूरे ही पाए गए और इन आवासों का केवल 6 फीट ऊंचाई तक ही निर्माण हो सका है।

नोडल अधिकारी ने गोशाला का नहीं किया निरीक्षण

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में गोशाला निर्माण और गोशाला व्यवस्था को लेकर सख्त कार्यवाही कर रही है। तो वहीं समीक्षा बैठक के दौरान नोडल अधिकारी ने गोशाला निर्माण और उसके बारे में कोई चर्चा ही नहीं की और न ही गांव की गोशाला का निरीक्षण किया। बैठक में गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर कोई खास इंतेजाम नहीं किए गए। जब नोडल अधिकारी ने निरीक्षण करने के लिए गांव का भ्रमण किया तो गांव के निरीक्षण के दौरान गांव के कई लोगों ने अपनी समस्याएं बताई लेकिन उनका कोई हल नहीं निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि यहां की गोशाला गायों के लिए उचित व्यवस्थाएं नहीं है। नोडल अधिकारी को गोशाला का निरीक्षण करना चाहिए था लेकिन उन्होंने गोशाला का निरीक्षण नहीं किया।