मुफ्त स्मार्ट फोन देने के नाम पर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाकर धोखेबाजी, शिक्षामंत्री ने किया सावधान

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Published: 16 Aug 2020, 04:28 PM IST

वाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाए जा रहे संदेश, ऑनलाइन फार्म जारी धोखेबाजों को साइबर क्राइम रोकथाम कानून के अधीन गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी

चंडीगढ़। पंजाब ने सरकार ने ‘पंजाब स्मार्ट कनेक्ट स्कीम’ शुरू की है। इसके तहत कक्षा 12 के छात्रों को मुफ्त में स्मार्ट फोन वितरित किए जा रहे हैं। इसे देखेत हुए ऑनलाइन धोखेबाज सक्रिय हो गए हैं। वाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुफ्त स्मार्ट फोन के संदेश प्रसारित हो रहे हैं। सरकार नेइन धोखेबाजों से सावधान किया है। सरकार ने कहा है ‘पंजाब स्मार्ट कनेक्ट स्कीम’ सिर्फ सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के लडक़े एवं लड़कियों के लिए हैं। सरकारी स्कूलों में दाखि़ले के आधार पर मुफ़्त में स्मार्टफ़ोन मुहैया करवाए जा रहे हैं। इसलिए अन्य लोगों को ऐसी स्कीम के दायरे में लाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
यूआरएल पर न करें लिंक

पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला का कहना है कि राज्य सरकार ने ऐसी कोई वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की शुरुआत नहीं की, जिस पर स्मार्टफो के लिए रजिस्ट्रेशन हो रहे हों। उन्होंने ऑनलाइन धोखेबाज़ों को साइबर क्राइम रोकथाम कानूनों के अधीन गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने लोगों को कहा कि मोबाइल संदेश या वाट्सऐप के द्वारा फैलाए जा रहे ऐसे संदेशों और यू.आर.एल. लिंक पर क्लिक न करें, जहाँ सरकार द्वारा मुफ़्त स्मार्टफ़ोन देने के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा गया हो।
पंजाब के सीएम की तस्वीर भी लगाई

श्री सिंगला ने सचेत किया कि ऐसे धोखाधड़ी वाले संदेश पर क्लिक करने से आपके मोबाइल का कंट्रोल साइबर अपराधियों के हाथ में जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर घूम रहे ग्राफिक्स में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह की तस्वीर और ‘कैप्टन स्मार्टफ़ोन डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम 2020’ शीर्षक के नीचे रजिस्ट्रेशन के लिए प्रोफार्मा दिया गया है, जिससे सावधान रहने की ज़रूरत है। शिक्षा मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वह ऐसे संदेशों, यू.आर.एल. लिंक्स से पूरी तरह सचेत रहें और अगर किसी के पास ऐसा संदेश आता भी है तो इसको आगे अन्य लागों को ना भेजा जाए, बल्कि तुरंत डिलीट कर दिया जाए।