सिविल अस्पताल की कर्मचारी ने चुराया लड़का, चार लाख में बेचा, पांच गिरफ्तार

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Published: 22 Aug 2020, 08:58 PM IST

बच्चा चोरी में मामले में पांच लोग शामिल हैं, जिनमें दो महिलाएं भी हैं। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्चे का 4 लाख रुपए में सौदा हुआ था। आज जब बच्चा मां को सौंपा गया तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

जालंधर/चंडीगढ़। सिविल अस्पताल से चोरी किया गया नवजात बच्चा पुलिस ने शनिवार को नकोदर के नजदीकी गांव खुर्शीदपुर से बरामद कर लिया। सिविल अस्पताल की ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बच्चा बेचने के लिए चोरी किया था। बच्चा चोरी में मामले में पांच लोग शामिल हैं, जिनमें दो महिलाएं भी हैं। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्चे का 4 लाख रुपए में सौदा हुआ था। आज जब बच्चा मां को सौंपा गया तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

इन्हें किया गया गिरफ्तार

आरोपियों की पहचान गांव महेड़ू के पंचायत मेंबर गुरप्रीत सिंह गोपी, गुरप्रीत सिंह पीता, रणजीत सिंह राणा, दविंदर कौर निवासी खुर्शीदपुर कॉलोनी नकोदर और लंबा पिंड की किरन के तौर पर हुई है। किरन सिविल अस्पताल में पिछले सात साल से सफाई कर्मचारी का काम कर रही है। इस बारे में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि आरोपियों ने बच्चे को चार लाख में बेचा और यह रकम आपस में बांट ली।

गुरुवार को किया था चोरी

गुरुवार को जालंधर के सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड से एक नवजात शिशु गायब हो गया था। दोपहर 12.50 बजे पर सिविल अस्पताल के आपरेशन थियेटर में बच्चे ने जन्म लिया। सवा एक बजे उसे वार्ड में बने केयर बॉक्स में जांच के लिए रखा गया। पौने दो बजे बच्चा गायब हो गया था। बच्चे की मां खुशबू व बच्चे के पिता दीपक ने कहा था कि उनकी मां जयंती देवी रिसेप्शन पर फाइल बनवाने गई थी, लेकिन जब वह वापस आए तो बच्चा गायब था।

कैसे किया चोरी

पूछताछ जांच में पता चला कि 20 अगस्त को दोपहर 12:40 बजे पर गुरप्रीत सिंह गोपी और गुरप्रीत सिंह पीता सिविल अस्पताल के पीछे बोलेरो गाड़ी में पहुंचे। इस दौरान वह बाकी तीन आरोपियों रणजीत, दविंदर कौर और किरन के साथ फोन पर लगातार बात कर रहे थे। इसके बाद किरन ने बच्चे को अगवा किया और गुरप्रीत सिंह गोपी व गुरप्रीत सिंह पीता को सीढ़ियों के पास दे दिया। जो बोलेरो में वहां से फरार हो गए। इसके बाद इन दोनों आरोपियों ने जन्मे बच्चे को दविंदर कौर और रणजीत राणा को गांदरा-पंडोरी रोड पर सौंप दिया।

गिरोह का पता लगा रही पुलिस

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि घटना का पता चलते ही एडीसीपी वत्सला गुप्ता, एसीपी हरसिमरत सिंह और सीआईए इंचार्ज हरविंदर सिंह की अगुवाई में टीम बनाई गई। उन्होंने इसकी गहनता से जांच की और गोपी को उसके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा बाकी और उनके घरों से गिरफ्तार हुए हैं। बच्चा रणजीत राणा और दविंदर कौर के घर से बरामद हुआ है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस गिरोह में शामिल दूसरे लोगों के बारे में भी पता लगाया जा सके।

अस्पताल ने बनाई थी जांच टीम

शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मंदीप कौर ने एसएमओ डॉ. गुरिंदरबीर कौर, डॉ. कुलविंदर कौर, बाल रोग विशेषज्ञ मनीष कुमार व नर्सिंग अधीक्षक की टीम बनाकर इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करने को कहा। टीम ने बच्चे की मौसी जयंती से पूछा कि जिसे बच्चा देकर गई थी क्या उस स्टाफ सदस्य को पहचान सकती है।पहले तो उसने हां कहा, लेकिन वह पहचान नहीं पाई। उसने गलत आदमी की पहचान की।