चालबाज चीन के सरहद पर सायबर हमले की आशंका, एजेंसियां सतर्क !

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Published: 04 Jul 2020, 08:16 AM IST

-सोशल साइट्स पर मंडरा रहा खतरा

-पाकिस्तान के साथ अब चीन के निशाने पर सरहदी जिला

जैसलमेर. भारत सरकार की ओर से चीन के 59 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद तिलमिलाया हुआ चीन आगामी दिनों में पश्चिमी सीमा पर बसे सरहदी जैसलमेर जिले के बाशिंदों को सायबर हमले के माध्यम से निशाने पर ले सकता है। इसको लेकर आशंका गहरा रही है। यह अंदेशा इसलिए भी अधिक है क्योंकि राजस्थान में जैसलमेर जिले से ही पाकिस्तान से लगती सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और जैसलमेर के ठीक सामने सीमा के उस पार चीन की तरफ से पाकिस्तान को हर तरह से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सीमा के उस पर पार चीन की मौजूदगी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में सीमांत जैसलमेर जिले के बाङ्क्षशदों पर अब पाकिस्तान के साथ तकनीकी दृष्टि से कहीं अधिक विकसित चीन के सायबर हमले का ातरा मंडराने लगा है।हैकिंग और डाटा नष्ट होने का खतराजानकारों की मानें तो चीन पश्चिमी सीमा पर अवस्थित भारतीय सीमा के सबसे अंतिम जैसलमेर जिले के सरकारी और निजी क्षेत्र से जुड़े लोगों के कम्प्यूटर और मोबाइल हैक कर उनमें रखा डाटा चुराने अथवा नष्ट करने का प्रयास कर सकता है। पाकिस्तान की ओर से जैसलमेर जिले में फेक कॉल्स बहुत पहले से आते रहे हैं। विशेषकर युद्ध की परिस्थितियों में सेना अथवा सीमा सुरक्षा बल के मूवमेंट की जानकारी हासिल करने के लिए ऐसे कॉल यहां के लोगों को किए जाते हैं। आगामी समय में चीन इस काम को अपने हाथ में ले सकता है। जानकार यह भी बताते हैं कि भारत ने जिन चाइनीज एप्स को अब प्रतिबंधित किया है, वे वर्षों तक देश में बहुत लोकप्रिय रहे हैं। ऐसे में सीमावर्ती जैसलमेर के बाङ्क्षशदों का भी अच्छा खासा डाटा रिकॉर्ड निश्चित रूप से चीन के पास पहुंच गया होगा।चीन का एक दाव यह भी -सुरक्षा व ाुफिया तंत्र से जुड़े लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चीन सीमावर्ती जिले के बाशिंदों के कंप्यूटर व मोबाइल पर वायरस हमला भी कर सकता है। वह पूर्व में ाारत ही नहीं अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों पर ाी इस दांव को आजमा चुका है।यह रखनी होगी सावधानियां- कम्प्यूटर पर किसी ाी अनजान एड्रेस से आने वाले मेल को कतई नहीं ाोला जाए। ऐसे मेल में खतरनाक वायरस छुपे हो सकते हैं।- सोशल मीडिया विशेषकर फेसबुक पर अपरिचित व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की जाए।- मोबाइल पर आने वाले अनजाने टेक्स्ट अथवा वॉट्सएप मैसेज को भी खोल कर पढऩे की कोशिश न करें।- बैंकों के नाम का सहारा लेकर दिए जाने वाले लुभाने लोन संबंधी मैसेज भी खोलने से बचा जाए।-अनजान कोड से लैंडलाइन फोन अथवा अटपटे मोबाइल नंबर से आने वाले कॉल को अटेंड ही नहीं किया जाए।-वर्तमान में प्रचलित महामारी कोरोना या कोविड-19 के उपचार के संबंध में आने वाले लुभावने मैसेज को भी पढऩे की ाूल नहीं की जानी चाहिए।

फैक्ट फाइल -

471 किलोमीटर ल बी अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसलमेर जिले में

- 02 बार पाकिस्तान के साथ जिले की सरजमीं पर हो चुका युद्ध

- 350 से ज्यादा बंकर चीन ने पाकिस्तानी सीमा में बनाए

सतर्क रहना जरूरी

जैसलमेर सीमांत जिला है। इस नाते यहां के नागरिकों की ाूमिका सीमा प्रहरी की ाी होती है। पाकिस्तान के साथ चीन की जुगलबंदी के बारे में हमें अच्छी तरह से जानकारी है। ऐसे में उसकी तरफ से सायबर हमले की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। सभी जिलावासी सतर्क रहें। शत्रु को शत्रु मानकर ही व्यवहार करना चाहिए।

- नीम्बसिंह, प्रदेश संगठन मंत्री, राजस्थान-गुजरात, सीमाजन कल्याण समिति