... तो राजस्थान के 25 सांसदों की गांवों में एंट्री रहेगी बैन? जानें किसान कैसे जता रहे कृषि अध्यादेश का विरोध

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Published: 22 Sep 2020, 11:22 AM IST

संसद से पास कृषि अध्यादेश का हो रहा विरोध, समर्थन करने वाले सांसदों के खिलाफ खोला मोर्चा, गांवों में चलाया जाएगा सांसदों के विरोध में अभियान, 25 सांसदों को गांवों में नहीं घुसने देने की भरी ‘हुंकार’! किसान बोले- ‘अध्याधेश के खिलाफ करेंगे संघर्ष’

 

जयपुर।

कृषि क्षेत्र से जुड़े दो महतवपूर्ण विधेयक संसद से पारित होने के बाद राजस्थान के किसानों के एक तबके में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। विरोध जता रहे किसानों ने अब कृषि विधेयकों को समर्थन देने वाले प्रदेश के 25 लोकसभा सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। इस क्रम में सांसदों को गाँवों में प्रवेश नहीं देने के लिए अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।

किसान नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा है कि कृषि अध्याधेश से जुड़े कई पहलू किसान विरोधी हैं। ऐसे में इसका संसद से पारित होना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों ने तय किया है कि वे किसान विरोधी इस अध्यादेश के ख़िलाफ़ संघर्ष करेंगे। प्रदेश के जिन 25 सांसदों ने किसान विरोधी बिल का समर्थन किया है, उनका सार्वजनिक रूप से बहिष्कार किया जाएगा। उन्हें गांवों में घुसने नहीं देने का अभियान चलाया जाएगा।

विरोध जता रहे किसानों का कहना है कि कृषि अध्यादेश तीन महीने पहले भी लागू हुए थे, जिसमें कहा गया था कि इन अध्यादेशों के बाद बने कानून से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर दाम मिलेंगे। पर यहां तो एसएसपी से 900 रूपए प्रति क्विंटल कम मिल रहे हैं।

राज्य सरकार करे बहिष्कार
किसान नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने राज्य की गहलोत सरकार से केंद्र सरकार के किसान विरोधी अध्याधेश का बहिष्कार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह से राज्य सरकार ने सीएए और एनआरसी का विरोध कर क़ानून को प्रदेश में लागू नहीं होने दिया, ठीक उसी तर्ज़ पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन अध्याधेशों के खिलाफ भी संकल्प पारित हो।