प्रदेश के इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए गॉल्डन चांस, अब बीटेक की डिग्री मिलना हुआ आसान

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Published: 24 Mar 2018, 01:59 PM IST

अब चार साल की बीटेक दस साल में होगी पूरी...

जयपुर। प्रदेश के इंजीनियरिंग महाविद्यालयों से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को आरटीयू ने अपनी डिग्री पूरी करने का मौका दिया है। ऐसे विद्यार्थी जो अपनी बीटेक की डिग्री को पूरा नहीं कर सके थे, उन्हें राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने एक और मर्सी चांस देते हुए यह मौका दिया है। ऐसे में वह विद्यार्थी जो चार साल के बीटेक के कोर्स को आठ साल में भी पूरा नहीं कर सके थे, उन इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को मर्सी चांस मिलने से डिग्री पूरी करने का अवसर मिला है। इस फैसले से प्रदेशभर के करीब चार हजार विद्यार्थियों को इंजीनियर बनने का मौका मिलेगा।


क्या होता है मर्सी चांस
एक्सपर्ट की मानें तो मर्सी चांस का मतलब एक और अतिरिक्त मौका होता है। बीटेक या इंजीनियरिंग से जुड़े कोर्स करने वाले ऐसे विद्यार्थी जिनके पेपर ड्यू रह जाने के कारण वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाते हैं। उन्हें आरटीयू अतिरिक्त साल दे डिग्री पूरी करने का मौका देता है, वही मर्सी चांस होता है।


नियमों के अनुसार चार साल का होता है कोर्स
नियमों के अनुसार बीटेक की डिग्री का कोर्स चार साल का होता है, लेकिन पेपर ड्यू रहने वाले वह विद्यार्थी जो यह डिग्री चार साल में पूरी नहीं कर पाते है उन्हें आठ साल में सभी पेपर पास कर डिग्री पूरी होती है, लेकिन आठ साल में भी डिग्री पूरी नहीं होती है तो उन्हें फिर विश्वविद्यालय बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में प्रस्ताव पास कर डिग्री पूरी करने के लिए मर्सी चांस देते हुए अतिरिक्त साल देता है।


पीजी की परीक्षाओं के प्रवेश पत्र जारी
राजस्थान विश्वविद्यालय की पीजी की परीक्षाएं सोमवार से शुरू होंगी। परीक्षाओं को लेकर प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। विद्यार्थी वेबसाइट से अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। वहीं विश्वविद्यालय ने ऐसे नियमित परीक्षार्थी जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम हैं, उन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए हैं।