किसानों को व्हाट्स एप से मिलेगी विभागीय योजनाओं की जानकारी

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Updated: 24 Oct 2020, 07:24 PM IST


कृषि विभाग ने पांच लाख किसानों को जोड़ा
किसानों की सफलता की कहानी भी होगी बयां
जयपुर से जुड़े सबसे अधिक किसान


कृषि विभाग व्हाट्स एप के माध्यम से खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाएगा। इसके लिए प्रदेश में करीब 5 हजार व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर 5 लाख किसानों को जोड़ा गया है। विभाग का मानना है कि विभाग की योजनाओं, खेती के उन्नत तरीकों एवं नवाचारों का धरातल पर लाभ लेने के लिए किसानों को समय पर इनकी जानकारी होना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए गत 16 सितम्बर को अन्तर विभागीय कार्यदल की बैठक में किसानों को मीडिया के अन्य माध्यमों के साथ व्हाट्स एप से सूचनाएं पहुंचाने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक कृषि पर्यवेक्षक को अपने क्षेत्र के 250 प्रगतिशील किसानों का व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर काश्तकारों के नवाचारए नई जानकारी एवं तकनीक शेयर करने के निर्देश दिए गए थे। राज्य में 5 हजार 526 कृषि पर्यवेक्षक कार्यरत हैं। अभी तक 4 हजार ***** व्हाट्स एप ग्रुप बनाए गए हैं। अन्नदाता, प्रगतिशील किसान, धरतीपुत्र, समृद्ध किसान, उन्नत किसान, उन्नत खेती री बातां जैसे व्हाट्स एप ग्रुप से अब तक 4 लाख 93 हजार 372 कृषक जुड़ चुके हैं। कोई भी इच्छुक किसान अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर इससे जुड़ सकते हैं।
सफलता की कहानियां करेंगे साझा
इन ग्रुप्स के जरिए कृषि पर्यवेक्षक सफलता की कहानियां, डॉक्यूमेंट्री सहित महत्वपूर्ण विभागीय योजनाओं की सूचनाएं एवं खेती से जुड़ी स्थानीय जानकारी किसानों से साझा करेंगे। इससे किसानों को विभागीय योजनाओं एवं खेती की आधुनिक तकनीक से रूबरू कराया जा सकेगा। कृषि अधिकारी समय.समय पर फसलों में होने वाले रोग प्रकोप से बचाव के लिए दवा की जानकारी भी किसानों से साझा कर सकेंगे। टिड्डी जैसे कीट प्रकोप से निपटने में भी यह ग्रुप मददगार साबित होंगे। अतिवृष्टि,ओलावृष्टि, सूखा एवं कीट प्रकोप के समय किसानों को नियत अवधि में बीमा कंपनियों को फसल खराबे की सूचना देने के लिए जागरुक किया जा सकेगा जिससे प्रभावित पात्र बीमित किसान को मुआवजा मिल सके।
जयपुर जिले में सर्वाधिक 53 हजार किसान
कृषि विभाग के आयुक्त डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि जयपुर जिले में सर्वाधिक 353 ग्रुपों के माध्यम से 53 हजार किसानों को जोड़ा जा चुका है।
कहां जुड़े कितने किसान
सीकर : 46 हजार 915
दौसा : 27 हजार 631
टोंक : 26 हजार 931
भरतपुर: 25 हजार 487
अलवर: 23 हजार 108
श्रीगंगानगर: 22 हजार 723
हनुमानगढ़: 21 हजार 184
बीकानेर : 18 हजार 50
बूंदी : 16 हजार 881
अजमेर: 16 हजार 249
झुंझुनूं : 15 हजार 600
प्रतापगढ़ : 15 हजार 598
बांसवाड़ा : 10 हजार 500
डूंगरपुर : 10 हजार 300
उदयपुर: 9 हजार 206
इनका कहना है
किसानों को विभाग की ओर से करवाए जा रहे नवाचारों की जानकारी देने के साथ ही उनकी सफलता की कहानियां साझा करने के लिए व्हाट्स ग्रुप बनाए गए हैं। प्रदेश के किसानों को इन ग्रुप्स से जोड़ा गया है।
लालचंद कटारिया, कृषि मंत्री