केंद्र ने कहा, दिल्ली और राजस्थान को ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत

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Published: 24 Nov 2020, 02:24 PM IST

— प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान सहित आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद

जयपुर। देश में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर तेजी आ रही है। राजस्थान सहित दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल में दिवाली के बाद से ही कोरोना के मामले अचानक बढ़ गए हैं। इस बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो अहम बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे संवाद किया। जिनमें राजस्थान सहित केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

इन सभी राज्यों के साथ कोरोना वैक्सीन के वितरण की नीति पर भी चर्चा हो रही है। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन से हुई। शाह ने कहा कि यूरोप-अमरीका में भी फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं, ऐसे में हमें सावधान रहना होगा। उन्होंने राज्यों से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को अनिवार्य करने पर जोर देने को कहा। अमित शाह के बाद स्वास्थ्य सचिव ने आगामी दिनों की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और राजस्थान को विशेष सावधानी बरतनी पड़ेगी।

आपको बता दें कि अगले साल की शुरुआत तक कोरोना वैक्सीन आ सकती है। ऐसे में राज्यों को तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही वैक्सीन के प्रबंधन एवं वितरण की व्यवस्थाएं भी देखी जा रही हैं, जिससे लोगों को वैक्सीन उपलब्ध हो सके।

ये कहा राज्यों ने

बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए और उन्होंने केंद्र सरकार से राजधानी में एक हजार अतिरिक्त आईसीयू बैड्स की मांग की है। सीएम केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रदूषण के मसले पर दखल देने की अपील की है। वहीं देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने भी राज्य में कोरोना की स्थिति बताई। सीएम ठाकरे ने कहा कि उन्होंने राज्य में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो राज्य में कोविड वैक्सीन के वितरण पर काम कर रही है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जीएसटी बकाये का मुद्दा उठाया है। ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि केंद्र सरकार को राज्यों का जीएसटी बकाये का पैसा जारी करना चाहिए।