जानलेवा बन रहे बोरवेल

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Updated: 22 May 2019, 02:38 PM IST

हरियाणा के प्रिंस से शुरू हुआ खुले बोरवेल में गिरने का दुखद सिलसिला देशभर में लगातार जारी है। जोधपुर के मेलाना गांव में सोमवार को काल का ग्रास बनी चार वर्षीय सीमा का नया नाम भी उसमें जुड़ चुका है। लेकिन, जानलेवा इन खुले बोरवेल को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है इसकी बानगी सीकर में भी देखी जा सकती है। जहां जिलेभर में दर्जनों बोरवेल ऐसे हैं, जो अनुपयोगी होते हुए भी प्रशासन की ओर से बंद नहीं कराए जा रहे हैं। ऐसे में चार सौ फिट तक गहरे यह गड्ढे हर समय हादसे का न्यौता देते दिखते हैं। पत्रिका ने पड़ताल की तो अकेले श्रीमाधोपुर में ही ऐसे तीन बोरवेल मिले। जिनमें कंचनपुरा में चार दुकान स्टैंड के पास खुदे बोरवेल के पास बच्चे भी खेलते मिले। जो मौत के इन गड्ढों से कुछ दूरी पर ही थे। लेकिन, बरसों पहले बने इन बोरवेल से पानी नहीं मिलने पर भी प्रशासन इस खतरे से मुंह चुराता नजर आया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में ऐसे तीन खुले बोरवेल है, जिनको बंद करने के लिए स्थानीय प्रशासन और जलदाय विभाग से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।

हरियाणा के प्रिंस से शुरू हुआ खुले बोरवेल में गिरने का दुखद सिलसिला देशभर में लगातार जारी है। जोधपुर के मेलाना गांव में सोमवार को काल का ग्रास बनी चार वर्षीय सीमा का नया नाम भी उसमें जुड़ चुका है। लेकिन, जानलेवा इन खुले बोरवेल को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है इसकी बानगी सीकर में भी देखी जा सकती है। जहां जिलेभर में दर्जनों बोरवेल ऐसे हैं, जो अनुपयोगी होते हुए भी प्रशासन की ओर से बंद नहीं कराए जा रहे हैं। ऐसे में चार सौ फिट तक गहरे यह गड्ढे हर समय हादसे का न्यौता देते दिखते हैं। पत्रिका ने पड़ताल की तो अकेले श्रीमाधोपुर में ही ऐसे तीन बोरवेल मिले। जिनमें कंचनपुरा में चार दुकान स्टैंड के पास खुदे बोरवेल के पास बच्चे भी खेलते मिले। जो मौत के इन गड्ढों से कुछ दूरी पर ही थे। लेकिन, बरसों पहले बने इन बोरवेल से पानी नहीं मिलने पर भी प्रशासन इस खतरे से मुंह चुराता नजर आया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में ऐसे तीन खुले बोरवेल है, जिनको बंद करने के लिए स्थानीय प्रशासन और जलदाय विभाग से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।