ओ तेरे की... यहां तो टीके ही कम पड़ गए, ऐसे में बुजुर्गों को टीका लगाने में लग जाएंगे पांच माह

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Published: 06 Mar 2021, 10:04 PM IST

जबलपुर में तीसरे चरण में लगभग पांच लाख हितग्राही को टीका लगाने का है लक्ष्य

 

ओ तेरे की... यहां तो टीके ही कम पड़ गए, ऐसे में बुजुर्गों को टीका लगाने में लग जाएंगे पांच माह

जबलपुर। कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में जबलपुर में लगभग पांच लाख हितग्राही को टीका लगाने का लक्ष्य है। इसमें 60 वर्ष से ज्यादा और गम्भीर रोग से पीडि़त 45 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले व्यक्ति शामिल हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह तक इन पांच लाख व्यक्तियों का टीकाकरण पूरा करने की योजना है। लेकिन वर्तमान में जिले में टीके का स्टॉक कम होने से वैक्सीनेशन की गति धीमी है। जिस गति से टीकाकरण चल रहा है यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो पांच माह में बुजुर्गों को टीका लग सकेगा।
यह है स्थिति
- 28 लाख के लगभग जिले की जनसंख्या का अनुमान
- 05 लाख के करीब इसमें बुजुर्ग और 45 वर्ष से ज्यादा को-मॉर्बिटीज वाले व्यक्ति।
- 5629 व्यक्तियों को इसमें तीन दिन में टीका लगा
- 1876 व्यक्ति की औसत से प्रतिदिन टीका लगाया गया है।
- 30 दिन में तीसरा चरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है ।
- 17 हजार के लगभग प्रतिदिन टीके लगाने का लक्ष्य।
40 हजार के लगभग टीके बचे
कोरोना टीकाकरण के 1 मार्च से प्रारंभ हुए तीसरे चरण के लिए 30 हजार टीके मिले थे। पहले के चरण में हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर के लिए मिले टीके में लगभग 10 हजार डोज बची हुई है। इसे मिलाकर लगभग चालीस हजार टीके की डोज अभी स्टॉक में है। लेकिन टीकाकरण के हितग्राहियों की ज्यादा संख्या के सामने उपलब्ध डोज कम है। बुजुर्गों के साथ ही पहले और दूसरे चरण में टीका लगा चुके हितग्राहियों को दूसरी डोज लगाया जा रहा है। पहली डोज के साथ ही उपलब्ध टीके में दूसरी डोज भी सुरक्षित करने से उपलब्ध टीके की संख्या आधी रह जाती है। कोरोना टीकाकरण के लिए निजी अस्पतालों को केन्द्र बनाने के साथ प्रक्रिया में गड़बड़ी भी उजागर होने लगी है। ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद एक निजी अस्पताल में गई महिला को टीका लगाने से मना कर दिया गया। वैक्सीन समाप्त होने की बात कहकर अगले दिन बुलाया। लेकिन महिला के घर पहुंचते ही मोबाइल पर टीका लगने का संदेश आ गया। कोविड वैक्सीनेशन होने का प्रमाण पत्र भी महिला के मोबाइल पर पहुंच गया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मामले की शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। अनियमितता होने पर केन्द्र बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।