सरकार ने भी माना यहां की सड़कों के उड़ गए हैं परखच्चे

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Published: 26 Dec 2020, 09:32 PM IST

जबलपुर से दमोह, मंडला, नरसिंहपुर की सड़कें बदहाल, सागर सम्भाग की सड़कें सबसे अधिक बदहाल, राज्य सरकार ने स्टेटस रिपोट मे हाइकोर्ट को बताया

 

 

सरकार ने भी माना यहां की सड़कों के उड़ गए हैं परखच्चे

जबलपुर। मप्र हाइकोर्ट को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि जबलपुर से दमोह, नरसिंहपुर व मंडला जाने वाली सड़कें कई किमी तक खराब हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सागर सम्भाग की सड़कें सबसे अधिक खराब बताई गईं। कहा गया कि इनके निर्माण व सुधार के लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। फिलहाल इन्हें वाहन चलाने योग्य बना दिया गया है। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेने और कोर्ट मित्र को इस पर अपने सुझाव पेश करने का निर्देश देकर मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी नियत की।

हटा, दमोह निवासी संदीप बजाज की ओर से 2016 में जनहित याचिका दायर कर कहा गया कि एमपीआरडीसी ने जबलपुर से दमोह के बीच सड़क बनाने व मेंटेनेंस का ठेका सात अगस्त 2009 को मुंबई की मेसर्स एस्सेल जबलपुर दमोह टोल रोड प्रालि को दिया। सड़क बदहाल हो चुकी है। उस पर चलना मुश्किल हो रहा है। ठेके की शर्त के अनुसार सड़क का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। खस्ताहाल सड़क के बावजूद कंपनी टोल नाके लगा कर आने-जाने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूल कर रही है। इसकी शिकायत एमपीआरडीसी से की गई। पथरिया विधायक लखन पटेल ने यह मामला विधानसभा में भी उठाया था, लेकिन सड़क परिवहन मंत्री रामपाल ने गोलमोल जवाब दे कर विषयांतर कर दिया था। इन सबके बावजूद सड़क की दशा और बदतर हो गई। पूर्व सुनवाइयों में हाईकोर्ट के पूर्व निर्देश के अनुसार पीडब्ल्यूडी के एसई ने अपनी रिपोर्ट सड़क के गड्ढों के फोटोग्राफ्स के साथ पेश की थी। इसका अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री की रिपोर्ट साफ कह रही कि सड़क का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है।

महाधिवक्ता पीके कौरव के साथ उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने राज्य की सड़कों के सम्बंध में रिपोर्ट पेश कर बताया कि जबलपुर से दमोह सड़क 11.5 किमी, जबलपुर-मंडला सड़क 12.5 किमी, जबलपुर से नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग 47 किमी उधड़ गई हैं। जबलपुर सम्भाग में नेशनल हाईवे 12.5 किमी, स्टेट हाइवे 58 किमी व अन्य मार्ग 14.5 किमी खराब हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब सड़कें सागर सम्भाग की हैं। यहां के स्टेट हाइवे 180 किमी व अन्य मार्ग 163 किमी तक खराब हैं। बहुपृष्ठीय रिपोर्ट में प्रदेश के सभी सम्भागों में सड़कों की हालत खराब बताई गई। कोर्ट मित्र के रूप में अधिवक्ता एनएस रूपराह उपस्थित हुए।