कोरोना संक्रमण से बेपरवाह हैं सफाई कर्मचारी

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Published: 04 Jun 2020, 08:14 PM IST

सुरक्षा के नाम पर मास्क के अलावा गले में डाल दिया एक कार्ड

Sanitary workers are unaware of corona infection

जबलपुर। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले कर्मचारी कोरोना संक्रमण से एहतिहात नहीं बरत रहे हैं। ये कर्मचारी मात्र एक कपड़े के मास्क के भरोसे कार्य कर रहे हैं। वाहन यार्ड मेंकी हकीकत यह है कि वहां सेनीटाइजर सार्वजनिक रूप से रखा होना बताया जा रहा है लेकिन इसका इस्तेमाल कर्मचारी नहीं कर पाते हैं। यहां कर्मचारी आ जा रहे थे, जिनके चेहरे पर मास्क ही था लेकिन हाथों में ग्लब्स नहीं थे।
शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए बार-बार हाथ धोने, सेनीट्राइज्ड करने की बात की जा रही है। लोगों को दूर-दूर रहने को कहा जा रहा है लेकिन कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। इनकी कार्यशैली रोजाना की ही तरह है। सुबह करीब 145 कचरा वाहन और शाम को करीब दस वाहन कलेक्शन के लिए निकल रहे हैं।
ग्लब्स-सेनेटाइजर का सिर्फ आश्वासन
आगा चौक स्थित यार्ड में कर्मचारियों ने बताया कि निगम अफसर आए थे, जिन्होंने ग्लब्स-सेनेटाइजर देने की बात कही है लेकिन कुछ नहीं मिला। चंद ड्राइवर और कन्डेक्टर को मास्क दिए हैं। शेष लोगों ने स्वत: ही मास्क खरीदे हैं। सेनेटाइजर देने का दावा फेल है। यार्ड में सेनेटाइजर नहीं है। यहां मौके पर कर्मचारियों को सेनेटाइजर दिखाने की बात की गई है तो उनका कहना था कि कार्यालय में रखा हुआ है, जहां ताला लगा हुआ था।
गाडिय़ों हो गई कंडम
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वाहनों कंडम हो चुके हैं। इनकी खिड़कियां कें कांच नहीं है। ढांचा टूट रहा है। गाडिय़ों में जीपीएस नहीं है। कुछ में तो हेड लाइट तक नहीं है।
गार्ड से बातचीत के अंश
कर्मचारियों को सेनेटाइजर नहीं दिया है क्या?
है ना।
लेकिन कहां है?
आफिस में रखा हुआ है।गेट पर क्यों नहीं है?
हमारे साहब ने वहीं रखवाया है।
(आफिस में ताला लगा हुआ था)
आप लोगों को मास्क-ग्लब्स नहीं दिए हैं क्या?
निगम के अधिकारी आए थे, वे ग्लब्स देने की बात कर रहे थे।
तो क्या ग्लब्स नहीं हैं?
नहीं। कुछ चालक और कन्डेक्टर को मास्क दिए हैं।
यार्ड को क्या सेनीटाइज्ड किया है?
हां, कल ही दवा छिडक़ाव करने वाले आए थे।
ये रोज किया जाता है क्या?
नहीं, कल ही किया गया है।

चालक-परिचालक को एहतिहात बरतने को कहा गया है। मास्क लगा रहे हैं। ग्लब्स भी दिए जाने हैं।
विवेक पटेल, सुपरवाइजर, आगा चौक ट्रांसफर स्टेशन (एस्सेल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लिमिटेड)