अक्सर पीछे रहने वाला यह विवि पूरे मप्र में नम्बर-1 हो गया

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Updated: 11 Sep 2020, 09:04 PM IST

56 हजार छात्रों का एक साथ ओपन एग्जाम कराने में जबलपुर स्थित रादुविवि ने किया कमाल

अक्सर पीछे रहने वाला यह विवि पूरे मप्र में नम्बर-1 हो गया

यह है स्थिति
-08 जिलों में हुई परीक्षा
-56 हजार छात्र हुए शामिल
-15 सितम्बर तक परीक्षा
-335 संग्रहण केंद्र तैयार
-15 लोगों की टीम जुटी
-16 से कापी होगी जमा

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की ओपन बुक प्रणाली के साथ आनलाइन परीक्षाओं की शुरुआत हुई है। एक साथ समस्त छात्रों की परीक्षाएं कराने के मामले में रादुविवि मप्र में अव्वल बन गया है। कुछ विवि का अभी परीक्षा शेड्यूल तय हो रहा है। कुछ विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं की भी हैं तो वह टुकड़ों में आयोजित की गई थीं। किसी भी विवि ने एक साथ 56 हजार छात्रों की परीक्षाएं नहीं कराईं। उच्च शिक्षा विभाग ने भी रादुविवि की सराहना की है। परीक्षा में नियमित, स्वाध्यायी, प्राइवेट छात्रों के अलावा सरकारी, अशासकीय, अनुदानदान प्राप्त सभी कॉलेजों के छात्र परीक्षा में शामिल हुए। यह परीक्षा 10 से 15 सितम्बर तक चलेगी। 56 हजार छात्रों के स्नातक और स्नातकोत्तर के प्रश्न पत्रों को अपलोड करने की प्रक्रिया पिछले तीन दिन से विवि में चल रही थी। इसमें विवि के ऑनलाइन स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

छात्रों को दी अल्टरनेट सुविधा
विवि प्रशासन ने छात्रों को प्रश्न पत्र देखने के लिए अल्टरनेट सुविधा प्रदान की है। स्टूडेंट इंफारमेशन सिस्टम (एसआईएस) के माध्यम से छात्रों को लिंक पर जाकर प्रश्न पत्रों को देखने की सुविधा दी गई है। वहीं गुरुवार को विवि ने अपनी वेबसाइट पर भी यह सुविधा उपलब्ध करा दी। परीक्षा को लेकर सुबह से विवि का ऑनलाइन सेंटर, कम्प्यूटर सेंटर से लेकर कंट्रोल रूम एक्टिव था। ऑनलाइन सेंटर प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि इस काम में 15 से अधिक सदस्यीय टीम जुटी रही। दोनों सहायक कुलसचिव भी पूरे समय सक्रिय थे। स्थानीय छात्र 16 सितम्बर एवं बाहर के छात्र 18 सितम्बर तक आंसर शीट जमा कर सकेंगे। ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम को लेकर छात्रों में को नया अनुभव मिला है। स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र अनुभव गोल्हानी ने कहा कि वे जिले से बाहर हैं, उन्होंने प्रश्नपत्र डाउनलोड कर लिया है। कल शहर आते ही इसे हल करेंगे। सुधांशु गुप्ता कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के बीच ओपन बुक एग्जाम उनके लिए एक नया अनुभव की तरह है। सुबह सर्वर में लोड बढ़ा लेकिन दो विकल्प होने से प्रश्नपत्र अपलोड हो गए।