monsoon prediction दो दिन बाद झमाझम बारिश के आसार, अभी बादलों के बीच चुभ रही धूप

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Published: 18 Jul 2019, 11:59 AM IST

शहर में एक सप्ताह से नहीं हुई बारिश
आषाढ़ सूखा निकला, धूप-गर्मी से बेचैनी
अब सावन में झमाझम की उम्मीद

 

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जबलपुर। शहर में मॉनसून ने करीब बीस दिन पहले दस्तक दी। आगाज झमाझम बारिश से हुआ, लेकिन ऐसा कम समय ही हुआ। एक सप्ताह से शहर में कहीं भी बारिश नहीं हुई। एक प्रकार से आषाढ़ का पूरा महीना सूखा निकल गया। जुलाई का आधा महीना बीत जाने के बाद भी लोग तेज धूप और गर्मी से बेचैन हैं। परेशान लोगों को अब श्रावण मास से राहत की उम्मीद है। मौसम विभाग ने ट्रप लाइन की बदलती स्थिति के आधार पर गुरुवार से बूंदाबांदी और 21 जुलाई के बाद तेज बारिश की सम्भावना व्यक्त की है। बुधवार को दिनभर चिपचिपी गर्मी के बाद देर शाम ठंडी हवा से थोड़ी राहत मिली।


धूप चुभी, पसीना निकला
जुलाई के शुरुआत में हुई बारिश के बाद से पारा लगातार चढ़ रहा है। बुधवार दोपहर को तापमान सामान्य से छह डिग्री ऊपर चला गया। अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 26.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। सुबह की आद्र्रता 57 और शाम की आद्र्रता 42 प्रतिशत रही। पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवा चली। गुरुवार को सम्भाग में कुछ स्थानों पर बारिश होने की सम्भावना है।


नए सिस्टम से बारिश के आसार-
मौसम वैज्ञानिक सहायक देवेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार प्रदेश के मौसम को तीन कारक प्रभावित कर रहे हंै। इसमें पहला एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से दक्षिण हरियाणा दक्षिण उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल के गंगा के क्षेत्र होते हुए उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। दूसरा दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। तीसरा उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं उससे सटे समुद्र तटीय उड़ीसा पश्चिम बंगाल के गंगा पार क्षेत्र के ऊपर हवा के ऊपरी भाग में से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी 48 घंटे में समुद्र तट उड़ीसा में कम दबाव का क्षेत्र बनने की सम्भावना है। इससे आने वाले तीन चार दिन में तेज बारिश हो सकती है।



बारिश में देरी से पिछड़ रहा पौधरोपण अभियान
जबलपुर. बारिश सीजन का पहला महीना बीत चुका है, लेकिन ठीक ढंग से बारिश नहीं होने के कारण पौधरोपण अभियान पिछड़ रहा है। मदन महल पहाड़ी समेत अन्य चिह्नित साइट और ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण का अभियान गति नहीं पकड़़ सका है। दरअसल चार दिन के लगभग बारिश होने के बाद मौसम खुल गया। इसके बाद से बारिश नहीं होने के कारण लगातार गर्मी पड़ रही है। जमीन सूखी होने के कारण फिलहाल वृहद स्तर पर पौधरोपण शुरू नहीं हो पा रहा है। पौधरोपण अभियान के तहत इस बार जिले में पांच लाख के लगभग पौधे लगाए जाना हैं। जिनमें से पच्चीस हजार पौधे नगर निगम को मदन महल पहाड़ी में लगाना है। निगम के उद्यान विभाग सहित जिला प्रशासन के विभाग भी पौधरोपण के लिए बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं।