दिल्ली, मुंबई के प्राइवेट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसा है ये सरकारी अस्पताल

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Updated: 03 Jan 2020, 12:29 PM IST

मध्यप्रदेश में खुले इस सरकारी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अनुरिस्म कॉयलिंग और न्यूरो इंटरवेंशन जैसी सुविधा

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जबलपुर. दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में बनें प्राइवेट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के जैसा मध्यप्रदेश का एक सरकारी अस्पताल बन गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेज के इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो संबंधी बीमारियों का आधुनिक तकनीक से उपचार किया जा रहा है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में बने इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ब्रेन हेमरेज और लकवा पीडि़तों का नई तकनीक से उपचार किया जा रहा है। महानगरों के निजी अस्पतालों में पांच से आठ लाख रुपए में होने वाला इलाज मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध है। हॉस्पिटल के न्यूरो रेडियोलॉजी और न्यूरो सर्जरी विभाग में अनुरिस्म कॉयलिंग और न्यूरो इंटरवेंशन की सुविधा है। प्रदेश में अनुरिस्म कॉयलिंग की सुविधा प्रदेश के किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में नहीं है। नई सुविधा से ब्रेन अटैक और हेमरेज पीडि़त को जल्दी अस्पताल पहुंचाने पर तत्काल सर्जरी सम्भव होगी।

एंजियोप्लास्टी की तरह है सर्जरी

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. वायआर यादव के अनुसार अनुरिस्म खून की नस की बीमारी है। इस बीमारी में ब्रेन हेमरेज (दिमाग में खून का जमना) हो जाता है, जो नस के कमजोर होने और फटने से होता है। जल्दी इलाज नहीं मिलने पर दोबारा नस फटने का भी खतरा होता है। इसलिए इस बीमारी का तुरंत इलाज जरूरी है। दिमाग खोल कर ऑपरेशन करने में जान का खतरा ज्यादा होता है, जबकि अनुरिस्म कॉयलिंग में खतरा कम होता है। हार्ट अटैक में जैसे एंजियोप्लास्टी होती है, वैसे ही इसमें खून की कमजोर नस को कॉयल द्वारा ठीक किया जाता है।

चौबीस घंटे के अंदर उपचार जरूरी

खून की नस चोक होने से ब्रेन अटैक की आशंका होती है। दिमाग में खून का संचार कम होने से लकवा की शिकायत होती है। इसका जल्दी उचित उपचार नहीं होने पर जान को खतरा होता है। सुपर स्पेशलिटी में नई तकनीक से बिना ऑपरेशन के खून की चोक नस को ठीक किया जा सकता है। लेकिन, यह 24 घंटे के अंदर होना जरूरी है। हॉस्पिटल में न्यूरो रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निष्ठा यादव, न्यूरो सर्जन डॉ. अंबुज कुमार, डॉ. केतन की टीम कुछ मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है।