बीमारी छिपाएं नहीं, इसी में सबका भला है

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Published: 04 Jul 2020, 08:28 PM IST

किल कोरोना अभियान : जबलपुर के कंटेनमेंट जोन में सर्वे दल के साथ गए कलेक्टर

बीमारी छिपाएं नहीं, इसी में सबका भला है

जबलपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संदिग्धों की पहचान के लिए शुरूकिल कोरोना अभियान की पायलेट टीम के साथ जबलपुर कलेक्टर भरत यादव कंटेनमेंट जोन में गए। सर्वे दल की कार्यप्रणाली के निरीक्षण के साथ कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से बातचीत की। घरों का दरवाजा खटखटाया। सर्वे टीम के सदस्य की तरह स्थानीय लोगों से सवाल किए। उनके परिवार के सदस्यों, बुजुर्ग-बच्चों के बारे में पूछने के साथ ही यह जानकारी ली कि कोई ट्रेवल या पॉजिटिव कॉन्टेक्ट हिस्ट्री वाला व्यक्ति तो नहीं है। घर में कोई बीमार तो नहीं है। इस दौरान कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से कहा कि वे कोई भी बीमारी, संदिग्ध लक्षण या जरुरी जानकारी छिपाएं नहीं। आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बहनें उनसे घर आकर उनके परिवार और स्वास्थ्य सम्बंधी जो भी सवाल पूछे उसकी सही जानकारी दें।
133 व्यक्तिअन्य बीमारियों से पीडि़त मिले
सर्वे में पायलेट और सर्वे टीम की घर-घर जांच में कोरोना संदिग्धों के अलावा 133 व्यक्तिअन्य रोगों से पीडि़त मिले है। 569 गर्भवती महिलाओं एवं टीकाकरण से छूट गए 31 बच्चों को भी चिन्हित किया गया। इसके साथ ही 1 जुलाई से शुरु हुए सर्वे में अभी तक कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण वाले संदिग्धों के अलावा दो सौ लोगों को अन्य बीमारियों से पीडि़त पाया गया है।
बाहर से आने वाले फीवर क्लीनिक में जाएं

सर्वे में ट्रैवल हिस्ट्री वाले कई व्यक्तिमिल रहे है। इसमें कई लोग जांच के लिए सर्वे और स्वास्थ्य टीम का घर में इंतजार करते मिले हैं। ऐसे में संक्रमण के खतरें से बचाव के लिए बाहर से आने वाले व्यक्तियों को नसीहत दी गई है कि वे सर्वे दल के घर आने का इंतजार ना करें। सीधे विक्टोरिया या मेडिकल अस्पताल जानें के बजाय घर के नजदीकी फीवर क्लीनिक- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं।