RPF जवानों में corona की दहशत, सातवां आरक्षक निकला पॉजिटिव, अब तक नौ चपेट में आए

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Published: 05 Jun 2020, 12:53 PM IST

RPF जवानों में corona की दहशत, सातवां आरक्षक निकला पॉजिटिव, अब तक नौ चपेट में आए

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जबलपुर/ शहर में जिला पुलिस के कर्मियों के बाद अब रेल पुलिस के जवान कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। गुरुवार को आरपीएफ का सातवां कांस्टेबल कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है। रेल पुलिस में संक्रमण का पहला मामला 24 मई को सामने आया था। रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ बैरक में कटनी से लौटे एक आरक्षक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद अभी तक सात आरक्षक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। आरपीएफ बैरक के कनेक्शन से अभी तक नौ व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए हैं। आरक्षकों के अलावा दो अन्य में से एक रेल कर्मी और दूसरा रेलवे का ठेका कर्मी है। लगातार संक्रमित मिलने के बाद इनके सम्पर्क में आए लोगों को रेलवे हॉस्पिटल और एक अन्य रेल भवन में क्वारंटीन किया गया है।

 

संक्रमित महिला की हिस्ट्री ने चौंकाया
वायरोलॉजी लैब से बुधवार की देर मिली रिपोर्ट में तीन व्यक्तियों को कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसमें छह वर्षीय बालक सहित एक महिला और एक पुरुष है। संक्रमितों की गुरुवार को हिस्ट्री खंगाली गई तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आयी है। संक्रमित मिली भानतलैया निवासी 46 वर्षीय महिला स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर जांच कराने के लिए एक सप्ताह के अंदर दो निजी अस्पतालों में गई थी। वह स्त्री रोग की जांच कराने के लिए 27 मई को नेपियर टाउन स्थित एक अस्पताल गई थी। उसके बाद 30 मई को विजय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई थी।

संदिग्ध लक्षण पर महिला के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पता चला कि जिस निजी अस्पताल के वार्ड में महिला भर्ती थी, वहां एक मरीज लगातार खांस रहा था। दूसरे मरीज से वायरस के ट्रांसमिशन की आशंका के बीच अब महिला के सम्पर्क में आए अन्य मरीजों, स्टाफ और लोगों के नमूने की जांच कराई जा रही है। प्रेमसागर निवासी संक्रमित मिले पुरुष के भी जांच के लिए पहले दो बार विक्टोरिया अस्पताल जाने का पता चला है। हनुमानताल के खाई मोहल्ला निवासी छह वर्षीय बालक एक पूर्व संक्रमित के परिवार का सदस्य है।



17 दिन बाद कोई डिस्चार्ज नहीं
शहर में गुरुवार को कोई कोरोना संक्रमित डिस्चार्ज नहीं हुआ। नई गाइडलाइन में कोरोना संक्रमितों का आइसोलेशन अवधी कम करने और डिस्चार्ज से पहले नमूने की जांच की बाध्यता समाप्त किए जाने के बाद गुरुवार को पहला दिन है, जब कोई संक्रमित अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं हुआ। 18 मई से लगातार नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज और सुखसागर कोविड केयर सेंटर में भर्ती संक्रमित स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हो रहे थे।