जबलपुर में 39 दिन में मिले 200 कोरोना मरीज, 85 दिन में 300 के पार हुआ आंकड़ा

|

Updated: 13 Jun 2020, 12:45 PM IST

जबलपुर में 39 दिन में मिले 200 कोरोना मरीज, 85 दिन में 300 के पार हुआ आंकड़ा

 

COVID 19 Jabalpur,Coronavirus, Coronavirus Tips,covid 19 pandemic,covid 19 India,Covid 19,COVID 19 google update,google update,Google Covid 19 Web Page,

जबलपुर/ शहर में मई के अंतिम पखवाड़े में संक्रमितों की ज्यादा संख्या बाहर से आने वाले ग्रामीण अंचल के लोगों की थी। अनलॉक 1.0 के शुरू होते ही शहरी क्षेत्र में फिर से कोरोना वायरस एक्टिव हो गया है। 1 जून से शहर के कई नए इलाकों में संक्रमित मिले हैं। इसमें पूर्व संक्रमितों के सम्पर्क में आए व्यक्तियों के साथ ही ट्रैवल हिस्ट्री वाले कोरोना पॉजिटिव शामिल हैं। प्रशासन की कवायद के बाद भी कोरोना संक्रमितों के बढऩे की रफ्तार कम नहीं हुई है। प्रत्येक 9 से 11 दिन में करीब 50 नए पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। 20 मार्च को शहर में कोरोना की दस्तक हुई थी। पहले 46 दिन में 100 संक्रमित मिले थे। उसके बाद अगले 39 दिनों में ही दो सौ नए पॉजिटिव केस मिल गए। इस कारण जिले में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा 300 पार कर गया है।

शहर में थम नहीं रहा कोरोना का कहर : 85 दिन में तीन सौ के पार हुए पॉजिटिव केस
पहले 100 पॉजिटिव 46 दिन में मिले थे अगले 200 सिर्फ 39 दिन में ही बढ़ गए

 

 

जून में तीन कोरोना संक्रमितों की मौत

लॉक डाउन 3.0 और 4.0 में कोरोना संक्रमित तेजी से बढ़े थे। इस दौरान हर 9-10 दिन में कोरोना के पचास नए केस मिल रहे थे। 2 से 12 जून के बीच 11 दिन में 50 नए पॉजिटिव केस आए हैं। अनलॉक 1.0 शुरू होने के बाद नए पचास केस होने में ज्यादा समय लगा है, लेकिन इस महीने अभी तक तीन कोरोना संक्रमितों की मौत ने चिंता बढ़ाई है। व्यावसायिक गतिविधियों के गति पकडऩे के साथ ही सडक़, सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्र में सुरक्षात्मक उपाय करने में लापरवाही बढ़ रही है। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

 

छिपे मरीज बन रहे मुसीबत
कोरोना संक्रमण से युद्ध में छिपे मरीज मुसीबत बने हुए हैं। संक्रमण से हुई ज्यादातर मौत में मरीज अंतिम स्थिति में अस्पताल तक पहुंचे। इनमें संदिग्ध लक्षण होने और स्वास्थ्य स्तर में लगातार गिरावट होने पर प्राइवेट में उपचार चलता रहा। आखिरकार जब गम्भीर हालत में मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचे और कोरोना जांच कराई गई तो पॉजिटिव मिले। ऐसे संक्रमितों का कई-कई दिन तक पता नहीं चलने से उनके सम्पर्क में आने वाले दूसरे व्यक्तियों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। सघन बस्तियों से मिले कुछ संक्रमितों की हिस्ट्री में कोई ट्रैवल या पूर्व संक्रमित का सम्पर्क नहीं मिला है। इससे इस बात को बल मिला है कि सही समय पर जांच नहीं होने से अनजाने में लोग संक्रमितों के सम्पर्क में आ रहे हैं।