कोरोना लॉकडाउन: इटारसी में तीन दिन से फंसे पेंट्रीकार कर्मचारियों को पहुंचाया जा रहा अपने घर

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Published: 29 Mar 2020, 12:08 PM IST

रेलवे ने यात्री ट्रेनों का संचालन बंद कर रखा है बावजूद उसके करीब 200 युवक यशवंतपुर से दिल्ली की ओर जा रही ट्रेन के खाली रैक में बैठ कर 27 मार्च को इटारसी पहुंचे थे।

कोरोना लॉकडाउन: इटारसी में तीन दिन से फंसे पेंट्रीकार कर्मचारियों को पहुंचाया जा रहा अपने घर

इटारसी। रेलवे ने यात्री ट्रेनों का संचालन बंद कर रखा है बावजूद उसके करीब 200 युवक यशवंतपुर से दिल्ली की ओर जा रही ट्रेन के खाली रैक में बैठ कर 27 मार्च को इटारसी पहुंचे थे। पिछले कई दिनों से यशवंतपुर में फंसे ये युवक घर जाने की उम्मीद में ट्रेन में बैठ तो गए मगर इटारसी में आने के बाद वे यहीं फंस गए हैं। अब उन्हें यहां से जाने के लिए कोई ट्रेन नहीं मिल रही थी। यहीं उन्हें दिन काटने पड़ रहे थे। लेकिन आज इन सभी कर्मचारियों को जांच के बाद 2 बसों में भेजने की तैयारी की जा रही है। जीआरपी, बसो को सेंनेटाइज कर यात्रियों को भोजन की व्यवस्था कराकर यहां से अपने अपने घरों के लिए रवाना किया जाएगा।


इटारसी से ट्रेन मिलने की थी उम्मीद
यशवंतपुर से दिल्ली की ओर एक खाली ट्रेन का रैक जा रहा था। यशवंतपुर स्टेशन पर फंसे यह सभी युवक उस रैक में चढ़ गए। उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि इटारसी से उन्हें उनके घर बीना और झांसी जाने के लिए कोई ना कोई ट्रेन जरुर मिल जाएगी। उक्त खाली रैक के जबलपुर जाने से युवकों को सुबह 8:45 बजे इटारसी स्टेशन पर उतरना पड़ा मगर यहां उतरने के बाद वे फंस गए थे

पेंट्रीकार स्टाफ के सदस्य हैं युवक
यशवंतपुर स्टेशन पर यह सभी युवक पिछले दो तीन दिन से फंसे हुए थे। यह सभी युवक अलग-अलग ट्रेनों के पेंट्रीकार में काम करने वाले बताए गए हैं। ट्रेनों का संचालन रुकने के बाद इतनी बड़ी संख्या में उक्त सभी कर्मचारी वहां फंस गए थे। इतने दिनों तक वहां पर जनसहयोग से मिल रहे भोजन-पानी से उनका काम चल
रहा था।

पहले हुई स्वास्थ्य जांच, फिर दिया भोजन
रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ही स्टेशन पर पहुंचकर उनमें कोरोना संक्रमण व तापमान की जांच की। सुकून की बात रही कि किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले फिर भी उन्हें एहतियात एक-दूसरे दूरी बनाने के लिए कहा गया। इसके बाद रेलवे ने उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था कराई। यशवंतपुर से यहां आए युवकों का अब इटारसी से बीना-झांसी तक जाना आसान नहीं होगा। इन युवकों को बीना और झांसी तक भेजने के लिए फिलहाल कोई ट्रेन नहीं है। अब युवकों को तब भेजा जा सकेगा जब इस रूट पर कोई खाली रैक जाएगा। उसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति भी जरुरी होगी। इन हालातों में उक्त युवकों इटारसी स्टेशन पर ही रहने मजबूर होना पड़ेगा।

भीड़ देख रेलवे की बढ़ी थी चिंता

ट्रेन में से अचानक 200 लोगों की भीड़ देख रेल प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए। तत्काल ही इसकी सूचना जीआरपी-आरपीएफ के साथ ही स्टेशन प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलने पर अधिकारी और जीआरपी-आरपीएफ स्टाफ मौके पर पहुंचा। सबसे पहले उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर बैठाया गया और फिर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरा किस्सा बताया।