Latest News in Hindi

​​​​​भूखे पेट जाती थी कॉलेज, सरकारी कॉलेजों में तेलंगाना में प्रथम आई रेशमा,असद ओवैसी से की मुलाकात

By Prateek Saini

Jun, 13 2018 07:05:39 (IST)

देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राष्ट्र के युवा हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे है,तेलंगाना की रेशमा ने भी यह सिद्ध कर दिखाय है कि जहां चाह है वहां राह भी है

(हैदराबाद): देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राष्ट्र के युवा हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे है। वास्तव में ऐसे लोगों ने हर बार किर्तिमान स्थापित किए है जिन्होंने हर परिस्थिति में अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए आगे कदम बढाए है। ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने भी आते है जिससे हमे यह शिक्षा मिलती है कि कैसे विषम समय में भी हौसलों के दम पर मंजिल पाई जाती है। तेलंगाना की रेशमा ने भी यह सिद्ध कर दिखाय है कि जहां चाह है वहां राह भी है। रेशमा ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप कर परिवार का नाम तो रोशन किया ही है साथ में ही संघर्ष से लक्ष्य तक पहुंचने की एक नई कहानी भी लिख दी है। रेशमा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है और अक्सर भूखे पेट कॉलेज जाकर पढाई किया करती थी पर कभी उसके इरादे डगमगाए नहीं और उसने अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है।

सांसद असद ओवैसी से की भेंट

महानगर के महबूबिया गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज की छात्रा रेशमा जहां तेलंगाना राज्य के तमाम सरकारी कॉलेजों में प्रथम आई हैं। बुधवार को उसने चारमीनार से सांसद असद ओवैसी से भेंट की, जिन्होंने मजलिस ट्रस्ट की ओर से रेशमा को 15 हज़ार रुपए की मदद दी। रेशमा को १२वीं बोर्ड परीक्षा में 1000 में से 962 नंबर मिले हैं। अब वह यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर वीमेन में बी कॉम में दाखिला लेने जा रही है। रेशमा का कहना है कि वह आगे चल कर सीए बनना चाहती है।

 

अक्सर खाली पेट कॉलेज जाना पड़ा

महबूबिया कॉलेज हैदराबाद का 100 साल पुराना कॉलेज है, लेकिन वहां आवश्यक सुविधाएं तक नहीं हैं। इमारत भी जर्जर हो चुकी है। सांसद असद ओवैसी ने इस बारे में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार एके खान को ट्वीट करते हुए लिखा कि रेशमा एक गरीब परिवार से आती है और उसने कॉमर्स में 99 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं, जिसे अक्सर खाली पेट कॉलेज जाना पड़ा है। तेलंगाना राज्य सरकार को चाहिए कि वह ऐसी होनहार छात्र-छात्राओं के समर्थन में आगे आए‌। गौरतलब है कि केसीआर सरकार ने पिछले दिनों हैदराबाद में इफ्तार कार्यक्रम पर 15 करोड रुपए खर्च कर दिए थे, जिसके बाद से वह आलोचकों के निशाने पर आ गई हैष