Sharad Purnima 2020: विवाहित लोग मां लक्ष्मी के इस स्वरूप की करें पूजा, नहीं होगी धन की कमी

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Published: 29 Oct 2020, 05:13 PM IST

  • Sharad Purnima Puja Vidhi : शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी पर घूमती हैं इसलिए अखंड दीपक जलाएं
  • इस दिन रात को आसमान के नीचे चांदी के बर्तन में खीर रखना शुभ माना जाता है

नई दिल्ली। शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2020) के दिन व्रत रखना एवं पूजन का विधान है। वैसे तो हर कोई मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पूजा कर सकता है, लेकिन अगर आप विवाहित (Married Couple) हैं तो आपके लिए पूजा के नियम जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि इसी के जरिए आपके घर में धन-धान्य की बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही तरक्की के रास्ते खुलेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन गृहस्थों को देवी के विशेष स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। इससे व्रत का प्रभाव दोगुना हो जाएगा। तो क्या हैं वो नियम आइए जानते हैं।

कोजागरी लक्ष्मी की पूजा फलदायी
शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि या निशिथ काल में पूजा करने से देवी लक्ष्मी (Maa Laxmi) की कृपा प्राप्त होती है। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और रात में आसमान से अमृत की वर्षा होती है। बंगाली समुदाय में इस दिन कोजगागरी लक्ष्मी की पूजा होती है। देवी के इस स्वरूप को धन—सम्पदा से युक्त माना जाता है। उनके एक हाथ में धान की बालियां होती हैं और दूसरे में वह धन से भरा हुआ मटका साथ रखती हैं। विवाहितों को देवी मां के इस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। इससे घर में दरिद्रता नहीं आती है।

देवी पूजा के नियम
पूर्णिमा के दिन पीतल, चांदी, तांबे या सोने से बनी देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की स्थापना करनी चाहिए। उन्हें लाल या गुलाबी रंग के कपड़े पहनाने चाहिए। सुबह देवी की पूजा करने के बाद रात में चंद्रोदय के बाद उनकी दोबारा आराधना करनी चाहिए। इस दौरान देवी मां को खीर का भोग लगाएं एवं लाल पुष्प चए़ाएं। रात 9 बजे के बाद चांदी के बर्तन में खीर बना कर आसमान के नीचे रख दें। जबकि रात भर देवी मां के सामने घी का अखंड दीपक जलाएं। इस दौरान देवी के किसी भी सिद्ध मंत्र का जाप करें और आरती करें। अगले दिन सुबह खीर खाकर व्रत तोड़ें और दान दें।