64 वर्षीय किसान ने किया चत्मकार! खेत में उगाए ठंडे पानी में पकने चावल

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Published: 22 Oct 2020, 08:51 PM IST

आपने अब तक देखा होगा कि चावल को पकाने के लिए गरम पानी की जरूरत होती है। किसी के घर में कूकर में डालकर सिटी लगवाते है तो कोई पहले पानी में डालकर रखते है। अब सामान्य पानी में डालने के बाद कुछ ही देर में भात बन जाएगा। कहने का मतलब यह है कि इस चावल को पकाने के लिए गरम पानी नहीं चाहिए।

आपने अब तक देखा होगा कि चावल को पकाने के लिए गरम पानी की जरूरत होती है। किसी के घर में कूकर में डालकर सिटी लगवाते है तो कोई पहले पानी में डालकर रखते है। अब सामान्य पानी में डालने के बाद कुछ ही देर में भात बन जाएगा। कहने का मतलब यह है कि इस चावल को पकाने के लिए गरम पानी नहीं चाहिए। ना ही आग पर पकाने का झंझट। सामान्य पानी में ही इसे डाल दीजिए और भात तैयार हो जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के पश्चिम चम्पारण के हरपुर गांव में विजय गिरी नाम के किसान मैजिक धान के लिए मशहूर हैं। 64 वर्षीय विजय गिरी इन दिनों धान और गेहूं की नई किस्मों की खेती को लेकर सुर्खियों में छाए हुए है।

 

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10वीं तक पढ़े है विजय गिरी
विजय गिरी देशभर के किसानों के लिए एक मिसाल बन कर उभर है। 10वीं तक पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन संभालने लगे, जो 12 एकड़ के आस-पास है। वह पहले परंपरागत धान, गेहूं, दलहन आदि उगाते थे। जब जैविक खेती का ट्रेंड शुरू हुआ तब से उन्होंने भी इसे अपनाया। विजय ने कृषि संबंधित मेलों और कार्यक्रमों में जाना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखने को मिला। मोहाली (पंजाब) में ऐसे ही कार्यक्रम के दौरान उन्हें काले गेहूं के बारे में पता चला। इसी तरह, पश्चिम बंगाल में उन्हें काले धान और मैजिक धान की किस्मों के बारे में पता चला। विजय ने इन तीनों ही किस्मों के बारे में विस्तार से जाना और उनकी खेती की। उन्होंने इसका रिजल्ट भी अच्छा मिला।

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सादे पानी में 50 मिनट में तैयार
बताया जा रहा है कि अब विजय गिरी एक एकड़ में मैजिक धान की भी खेती कर रहे हैं। चावल की यह किस्म असम में प्रचलित है, जिस वहां GI Tag भी मिला है। इस धान की खासियत है कि इसके चावल को किसी रसोई गैस या चूल्हे पर पकाने की जरूरत नहीं होती। यह चावल सादे पानी में 45-60 मिनट रखने के भीतर तैयार हो जाता है। और हां, खाने में भी नॉर्मल चावल जैसा ही लगता है। इस चावल में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है।