आज इन मुहूर्त में करें कोई भी काम, हर हाल में होंगे कामयाब

|

Published: 29 Nov 2017, 09:39 AM IST

1/3
योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि १०.३७ तक, इसके बाद व्यतिपात नामक बाधाकारक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्यतिपात योग में सभी शुभ कार्य सर्वथा वर्जित हैं। विशिष्ट योग: सूर्योदय से सायं ५.१२ तक दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। रवियोग सभी कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारंभ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि प्रात: १०.५२ तक, तदुपरान्त एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि है। दशमी तिथि में सभी धार्मिक, मांगलिक विवाह, प्रतिष्ठा, पौष्टिक, वास्तु आदि विषयक कार्य व एकादशी तिथि में भी उपरोक्त वर्णित कार्य, जनेऊ व व्रतोपवास आदि शुभ होते हैं।

नक्षत्र: उत्तरा भाद्रपद ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र सायं ५.१२ तक, इसके बाद रेवती नक्षत्र है। दोनों ही नक्षत्रों में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ कहे गए हैं। रेवती गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इस नक्षत्र में जन्मे जातकों की २७ दिन बाद जब रेवती नक्षत्र की पुनरावृत्ति हो, उस दिन नक्षत्र शांति करा लेना जातकों के हित में होगा।

योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि १०.३७ तक, इसके बाद व्यतिपात नामक बाधाकारक नैसर्गिक अशुभ योग है। व्यतिपात योग में सभी शुभ कार्य सर्वथा वर्जित हैं। विशिष्ट योग: सूर्योदय से सायं ५.१२ तक दोष समूह नाशक रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग है। रवियोग सभी कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारंभ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। करण: गर नामकरण प्रात: १०.५२ तक, इसके बाद रात्रि १०.०९ तक वणिज नामकरण है। तदुपरान्त भद्रा प्रारंभ हो जाएगी। जिसमें शुभ कार्य वर्जित है।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९, मु.मास: रवि-उल-अव्वल-९
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : मार्गशीर्ष।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: आज उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में विवाह, गृहारंभ, गृहप्रवेश, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापारारंभ, द्विरागमन, उपनयन, नामकरण, अन्नप्राशन, कूपारंभ, वधू-प्रवेश व हलप्रवहण आदि के यथा आवश्यक शुभ मुहूर्त है तथा सगाई-टीका आदि के मुहूर्त उ.भा. व रेवती दोनों नक्षत्रों में है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ९.३८ तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न १०.५६ से दोपहर १२.१५ तक शुभ तथा दोपहर बाद २.५२ से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित नामक मुहूर्त शुभ कार्यों में त्याज्य बताया गया है।

व्रतोत्सव: सम्पूर्ण दिवारात्रि पंचक है। ग्रह नक्षत्र परिवर्तन: दोपहर बाद १.४७ पर शुक्र अनुराधा नक्षत्र में दाखिल होगा। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज मीन राशि के चन्द्रमा का वास उत्तर दिशा की यात्रा में सम्मुख है। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा धनलाभ कराने वाला माना गया है।

चन्द्रमा: चन्द्रमा आज मीन राशि में है। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: अंतरात्रि ५.२१ पर मंगल तुला राशि में, सायं ६.४७ पर गुरु स्वाति नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे।

राहुकाल: बुधवार को दोपहर १२.०० से दोपहर बाद १.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ञ, दे. दो, चा, ची) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी राशि मीन है। सायं ५.१२ तक जन्मे जातकों का जन्म लोहपाद से तथा इसके बाद स्वर्ण पाद से है। सामान्यत: ये जातक धनवान, प्रतिभावान, धर्मकार्यों के ज्ञाता, शुद्ध विचार वाले, सुंदर, गौरवर्ण, पराक्रमी, साहसी, शत्रुजित, माता-पिता की सेवा करने वाले और मेधावी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २८ वर्ष की आयु तक होता है। मीन राशि वाले जातकों को आज प्रतियोगी परीक्षाओं, साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रेम प्रसंग नवीनता के साथ निकटता बढ़ेगी।